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Ahmedabad News: फ्लाइट में बैठे-बैठे उड़ाया 2.58 करोड़ का सोना, एयरलाइन स्टाफ ने पैसेंजर को बनाया ‘कूरियर’; 8 गिरफ्तार

Ahmedabad News: अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट पर 2.58 करोड़ के गोल्ड पार्सल चोरी मामले में अकासा एयर (Akasa Air) के सिक्योरिटी इंचार्ज और कर्मचारियों सहित 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जानिए कैसे फ्लाइट के अंदर पैसेंजर के बैग में सोना छिपाकर इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था।

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गोल्ड पार्सल कांड में एयरलाइन कर्मचारियों समेत 8 गिरफ्तार

Photo : Times Now Digital

Ahmedabad News: गुजरात की अहमदाबाद एयरपोर्ट पुलिस ने देश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले एयर कार्गो नेटवर्क में सेंध लगाने वाले एक बेहद शातिर और हाई-टेक रैकेट का पर्दाफाश किया है। सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक नामी कंपनी के करीब 2.58 करोड़ रुपये की गोल्ड ज्वेलरी चोरी होने के मामले में पुलिस ने अकासा एयर (Akasa Air) के अधिकारियों, कर्मचारियों, ज्वेलर्स और कुरियर पैसेंजर समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस हाई-प्रोफाइल गैंग के पास से अब तक 1.72 करोड़ रुपये का कैश और सोना बरामद किया जा चुका है, जबकि मास्टरमाइंड के कई मुख्य साथी अब भी फरार हैं। जांच में सामने आया है कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए बकायदा फ्लाइट के अंदर बैठकर साजिश रची गई थी।

एक्स-रे काउंटर से गायब हुआ 13 किलो का पार्सल

घटनाक्रम के मुताबिक, 17 अप्रैल 2026 की शाम 'सीक्वल लॉजिस्टिक्स कंपनी' को टाइटन कंपनी की तरफ से 'RBZ Jewellers Limited' द्वारा तैयार आभूषणों का एक कीमती पार्सल मिला था। इस 13 किलो वजनी पार्सल में 2 किलो 107 ग्राम और 562 मिलीग्राम शुद्ध सोने के गहने थे, जिनकी कुल कीमत 2,58,10,764 रुपये थी। अगले दिन 18 अप्रैल की अलसुबह करीब 2:15 बजे इस पार्सल को छह अन्य गोल्ड पार्सलों के साथ कार्गो एयरपोर्ट के एक्स-रे नंबर 4 पर अकासा एयर की बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट में लोड करने के लिए सौंपा गया। बेंगलुरु पहुंचने पर बाकी छह पार्सल तो सुरक्षित मिले, लेकिन यह खास पार्सल गायब था। इसके बाद लॉजिस्टिक्स कंपनी ने अहमदाबाद एयरपोर्ट थाने में विश्वासघात और चोरी का मुकदमा दर्ज कराया।

ऐसे रचा गया पूरा खेल

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की तीन विशेष टीमें बनाई गईं। जब सीसीटीवी फुटेज, टेक्निकल सर्विलांस और एयरलाइन स्टाफ की कुंडली खंगाली गई, तो सुरक्षा तंत्र को हिला देने वाला सच सामने आया। मास्टरमाइंड और एयरलाइन स्टाफ का गठजोड़: चोरी का मुख्य सूत्रधार सुल्तान इब्राहिमभाई सामा था। उसने अकासा एयर के सिक्योरिटी इंचार्ज जैद हसन अंसारी, क्लीनिंग इंचार्ज रोशनकुमार पटेल और एयरलाइन स्टाफ जयेश परमार को मोटी रकम का लालच देकर अपनी टीम में शामिल किया। प्लान के मुताबिक, गैंग ने सालेम मोहम्मद अमीन अंसारी नाम के शख्स का टिकट बुक कराया और उसे एक खाली बैग और मोबाइल देकर पैसेंजर बनाकर उसी फ्लाइट में बैठा दिया। बोर्डिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अंदर मौजूद एयरलाइन कर्मचारी जयेश परमार ने कार्गो से वह कीमती पार्सल निकाला और फ्लाइट के भीतर ही सालेम के बैग में छिपा दिया। सालेम वह बैग लेकर बेंगलुरु उतरा और बिना किसी चेकिंग के बाहर निकल गया। इसके बाद वह चुपचाप बेंगलुरु से वापस अहमदाबाद लौटा और सोना सुल्तान और जैद को सौंप दिया।

सोना पिघलाकर ज्वेलर्स को बेचा, 1.72 करोड़ बरामद

चोरी की वारदात सफल होने के बाद सुल्तान और रिजवान नाम के आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से तुरंत उस सोने को पिघला दिया। उन्होंने सोने को गलाकर 'गोल्ड बार' (बिस्कुट) और अंगूठियां तैयार करवा लीं। इसके बाद इस चोरी के सोने को जूनागढ़ के ज्वेलर रविकांत बागिया को बेचा गया। रविकांत ने इस सोने को आगे राजकोट, अहमदाबाद और महाराष्ट्र के सांगली निवासी ज्वेलर्स किरण पवार और शंकर वाकासे तक खपा दिया। पुलिस ने अब तक इस मामले में सालेम अंसारी, क्लीनिंग इंचार्ज रोशनकुमार, सिक्योरिटी इंचार्ज जैद हसन, सुल्तान सामा और ज्वेलर रविकांत समेत 8 लोगों को दबोच लिया है। आरोपियों के पास से 69.24 लाख रुपये कैश, तीन सोने की अंगूठियां, एक गोल्ड बार और एक चांदी का बिस्कुट जब्त किया गया है।

BNS की गंभीर धाराओं में केस, 4 आरोपी अब भी फरार

एयरपोर्ट पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 316(4), 61(2) और 54 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल, मुख्य आरोपी रिजवान मजीदभाई, फारूक सामा, योगेश पाटिल और वारदात को अंजाम देने वाला एयरलाइन कर्मचारी जयेश परमार अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। पुलिस इस बात की भी गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार देश के अन्य हवाई अड्डों या बड़े अंतरराष्ट्रीय स्मगलिंग नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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