आगरा

Agra में कोरोना संक्रमित मरीज की मौत, 2 दिन पहले Covid रिपोर्ट आई थी पॉजिटिव; डॉक्टर ने कही ये बात

Corona Virus: यूपी के आगरा स्थित एक अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज की मौत हो गई। मरीज को आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और अगले दिन उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई और एक निजी लैब में कोविड-19 की जांच कराई गई तो उनमें संक्रमण की पुष्टि हुई।

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(सांकेतिक फोटो)

Corona Virus: भारत में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने लगे हैं। कई जगहों से संक्रमित मरीजों की मौत के मामले सामने आ रही है। आगरा में भी एक मरीज की मौत होना बताया जा रहा है। कोविड-19 से संदिग्ध रूप से संक्रमित फिरोजाबाद के निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग की मंगलवार शाम आगरा के एक मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। फिरोजाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) रामबदन राम ने कहा कि बुजुर्ग को कूल्हे की हड्डी टूटने और सिर में चोट लगने के बाद 24 मई को आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और अगले दिन उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई और एक निजी लैब में कोविड-19 की जांच कराई गई तो उनमें संक्रमण की पुष्टि हुई।

कोविड-19 से मौत संदिग्ध: मेडिकल कॉलेज

सीएमओ ने बताया कि इसके बाद उन्हें सोमवार देर रात आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के कोविड पृथक वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया जहां मंगलवार शाम को उनकी मौत हो गई। आगरा मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के मुताबिक, 78 वर्षीय मरीज कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता ने बताया, ''संदिग्ध कोविड संक्रमित मरीज की मौत हो गई है। हम सीधे तौर पर यह नहीं कह सकते कि मौत कोविड-19 के कारण हुई है।

इस बीच, फिरोजाबाद में सात सदस्यीय मेडिकल टीम ने मृतक के परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य जांच की और पूरे इलाके को सैनिटाइज किया। सीएमओ ने पुष्टि की कि वर्तमान में फिरोजाबाद में कोविड-19 संक्रमण का कोई सक्रिय मामला नहीं है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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