आगरा

मथुरा में मिला पाकिस्तानी पंखा, इलाके में हड़कंप; इंटेलिजेंस यूनिट जांच में जुटी

मथुरा के गोवर्धन थाना क्षेत्र में एक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर पाकिस्तानी पंखा मिलने पर हड़कंप मच गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक व्यक्ति दुकान पर एक पुराना सीलिंग फैन बनवाने लाया था। दुकानदार ने जब पंखा खोला तो उसपर मेड इन पाकिस्तान लिखा था।

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मथुरा में मिला पाकिस्तानी पंखा

Photo : Twitter

Made In Pakistan Fan In Mathura: भारत पाकिस्तान के बीच बढ़े विवादों के इस दौर में पाकिस्तान से जुड़ी खूब खबरें आ रही हैं। इसी सिलसिले में एक और इजाफा हुआ है पाकिस्तानी पंखे से। जी हां, मथुरा से पाकिस्तानी पंखे से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर आई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मथुरा के गोवर्धन थाना क्षेत्र के राधा कुंड चौकी के पास एक युवक एक पंखा लेकर आया, जो खराब था। उसे ठीक कराने के लिए उसने वो पंखा दुकानदार को दिया और चला गया। जब दुकानदार ने पंखे को खोला तो उसपर अंग्रेजी में लिखा था 'मेड इन पाकिस्तान'। दुकानदार ने पंखे की तस्वीर खींचकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी जहां से वह वायरल हो गई।

लोकल इंटेलिजेंस यूनिट और मथुरा पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन कर यहां रहने वाले लोगों का सत्यापन कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि यहां पर बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक छिपकर रहते हैं, जिनके संबंध संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं। कई बार उन्होंने इस बारे में पुलिस को सूचना भी दी है, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। हाल ही में मथुरा के नौहझील में एलआईयू ने ईंट भट्टों से 90 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने जानकारी दी कि लोकल इंटेलिजेंस यूनिट और गोवर्धन पुलिस मामले की जांच कर रही है और पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पंखा कहां से आया। हालांकि, अभी तक पुलिस को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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