Ayodhya Ram Mandir : उत्तर प्रदेश के अयोध्या में इन दिनों प्रभु श्रीराम के गगनचुंबी और भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। मंदिर की भव्यता और दिव्यता देख हर कोई तारीफ करता नहीं थक रहा है। ऐसे में आगरा के कारीगरों ने भी अपनी कलाकारी से सबको प्रभावित किया है। गौरतलब है कि, अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2023 को होना सुनिश्चत हुआ है। मंदिर में लगने वाले पत्थरों पर काफी आकर्षक तरह की डिजाइन और नक्काशी उकेरी जा रही है। बता दें कि, आगरा के फतेहपुर सीकरी और खेरागढ़ में ये काम हो रहा है।
50 से ज्यादा कारीगर जुटे
राम मंदिर को भव्य रूप देने में आगरा के मुस्लिम कारीगर भी महती भूमिका निभा रहे हैं। गांव के 65 शिल्पकार और कारीगर त्थरों को बेहद खूबसूरत तरीके तराश रहे हैं। राम मंदिर के लिए काम कर रहे कारीगर पत्थरों में अपनी कला से जान फूंक रहे हैं। उनका कहना है कि, प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से ही उनके घर की रोजी-रोटी चल रही है।
इस तरह से बन रहे पत्थर
खेरागढ़ के नगला कमाल में हस्तशिल्पियों की वर्कशॉप लगी है, जिसमें 65 कारीगर काम कर रहे हैं। सुपरवाइजर किशन स्वरुप ने बताया कि राजस्थान से पत्थर लाकर इन पर नक्काशी का काम चल रहा है। इन पत्थरों को बयाना में लगी स्पीटिंग मशीन से सबसे पहले काटा जाता है। जिसके बाद उन्हें वर्कशॉप पहुंचाया जाता है। खास बात ये है कि, 14 जून से अब तक करीब 5 हजार घन फीट पत्थर तराशकर अयोध्या भेजा जा चुका है।
दिखेगा ऐसा नजारा
फतेहपुर सीकरी से कारीगर पहले भी कई बार देश के कोने कोने में जाकर अपनी कला का लोहा मनवा चुके हैं। इन्हीं में से एक कारीगर धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि 1993 और 1995 में फतेहपुरसीकरी के दूरा गांव में तराशे गए हाथियों को लखनऊ भेजा गया था। वहीं, खेरागढ़ के कारीगर ने बताया कि, प्रभु श्रीराम के नाम से उन्हें रोजी रोटी मिल रही है। सबसे खास बात यह है कि प्रभु के मंदिर में उनकी कला दिखाई देगी। कहा गया है कि, श्रीराम मंदिर में लगने वाले पत्थरों में कमल की नक्काशी होगी, जिसमें छत, पिलर सेट, खरसल कुंभी, कोटासरा, बीम, सिल कढ़ाऊ, दासा, ठेकी आदि गढ़े जा रहे हैं।
