शहर

'मधुमक्खियों के हमले में महिला की मौत, बेटा बोला-'मेरी मां ने 20 बच्चों की बचाई जान...'सरकार ने उठाया यह कदम

मध्यप्रदेश के नीमच जिले में मधुमक्खियों के हमले में महिला की मौत हो गई, उसके बेटे ने कहा कि 'मेरी मां ने 20 बच्चों की जान बचाई है'। सरकार ने मानवीय आधार पर उसके परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।

Image

मधुमक्खियां (प्रतीकात्मक फोटो:istock)

मध्यप्रदेश के नीमच जिले में मधुमक्खियों के हमले के कारण 45 वर्षीय एक महिला की मौत के बाद राज्य सरकार ने बृहस्पतिवार को उसके परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की।यह महिला ग्रामीण क्षेत्र की आंगनवाड़ी और प्राथमिक पाठशाला के बच्चों को भोजन मुहैया कराने के काम से जुड़ी थी।महिला के बेटे ने कहा कि उसकी मां ने दम तोड़ने से पहले प्राथमिक पाठशाला की एक शिक्षिका की मदद से करीब 20 बच्चों की मधुमक्खियों के आक्रामक झुंड से जान बचाई, इसलिए उन्हें उनकी बहादुरी का पूरा श्रेय एवं सम्मान भी मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 'एक्स' पर लिखा, 'नीमच जिले के रानपुर गांव में मधुमक्खियों के डंक से आंगनवाड़ी में कार्यरत कंचन बाई मेघवाल का असमय निधन अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। मध्यप्रदेश सरकार दुःख की इस घड़ी में उनके परिवार के साथ है। इस घटना में मानवीय आधार पर मैंने उनके परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी।'

कंचन बाई के बेटे रवि मेघवाल ने बताया कि उनकी मां उस स्वसहायता समूह की अध्यक्ष थीं जो जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर रानपुर गांव की आंगनबाड़ी और प्राथमिक पाठशाला के बच्चों को भोजन मुहैया कराता है।उन्होंने बताया कि गांव में आंगनबाड़ी और प्राथमिक पाठशाला एक ही सरकारी भवन में संचालित होते हैं।

मधुमक्खियों के झुंड ने कुछ बच्चों पर हमला किया

मेघवाल ने बताया, 'मधुमक्खियों के झुंड ने दो फरवरी को दोपहर 03:30 बजे के आस-पास कुछ बच्चों पर हमला किया, जब वे इस भवन के बाहर एक हैंडपंप पर पानी पी रहे थे। बच्चे दौड़कर भवन में गए, लेकिन मधुमक्खियों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा और उनका झुंड भी भवन में घुस गया।' उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद उनकी मां बच्चों की चीख-पुकार सुनकर तुरंत भवन में पहुंचीं और प्राथमिक पाठशाला की एक शिक्षिका की मदद से बच्चों को मधुमक्खियों के हमले से बचाया।

'बच्चों को बचाते वक्त मेरी मां को कई मधुमक्खियों ने डंक मारे'

मेघवाल ने बताया, 'मधुमक्खियों के हमले के दौरान भवन में करीब 20 बच्चे थे। बच्चों को बचाते वक्त मेरी मां को कई मधुमक्खियों ने डंक मारे। कुछ देर बाद वह बेहोश हो गईं और उनके मुंह से झाग निकलने लगा।' उन्होंने बताया कि उनकी मां को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मेघवाल ने कहा, 'मुझे पता चला है कि मुख्यमंत्री ने मेरे परिवार के लिए चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मैं चाहता हूं कि मेरी मां को उनकी बहादुरी का पूरा श्रेय और सम्मान भी मिले।' प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि इस बात की जांच की जा रही है कि मधुमक्खी के हमले के वक्त मौके पर क्या हालात थे और जांच के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article