ओडिशा के भद्रक से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 70 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि उनके दो बेटों ने संपत्ति पर कब्जा करने के लिए उन्हें सरकारी कागजों में मृत घोषित कर दिया। मामला धामनगर तहसील के जयनगर मौजा का है। महिला की पहचान आयशा बीबी के रूप में हुई है। आयशा बीबी का आरोप है कि साल 2023 में, जब वह तीर्थयात्रा पर गई थीं, तब उनके दोनों बेटों ने कथित तौर पर एक फर्जी हलफनामा दाखिल किया। इसमें दावा किया गया कि उनकी मां की मौत करीब 40 साल पहले ही हो चुकी है।
आयशा का आरोप है कि संबंधित राजस्व निरीक्षक ने बिना उचित जांच के उन्हें मृत घोषित करने वाली रिपोर्ट तैयार कर दी। इसके बाद उनके घर, जमीन और अन्य संपत्तियां कथित तौर पर उनके बेटों और बहुओं के नाम ट्रांसफर कर दी गईं। इसके बाद आयशा बीबी ने 10 जुलाई को धामनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने अपने दोनों बेटों, बहुओं और संबंधित राजस्व निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने अपने पति पर भी कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया।
भद्रक एसपी कार्यालय के बाहर धरना
आयशा का कहना है कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने भद्रक एसपी कार्यालय के बाहर धरना दिया। उनका कहना था कि वह जिंदा हैं और अब उन्हें खुद को जिंदा साबित करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने अपने दोनों बेटों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि उनके नाम की जमीन के दस्तावेजों में भी कथित तौर पर फर्जीवाड़ा किया गया।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने आयशा के एक बेटे को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा बेटा फरार बताया जा रहा है। वहीं, संबंधित राजस्व निरीक्षक से आरोपों पर प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका। अब इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—आखिर एक जिंदा महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत कैसे घोषित कर दिया गया और उनकी संपत्ति का हस्तांतरण किस आधार पर हुआ?
