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पश्चिम बंगाल में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : CID के ADG सुप्रतिम सरकार समेत 28 IPS अधिकारियों का ट्रांसफर; देखें पूरी लिस्ट

पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के महज तीन महीने के भीतर इतने बड़े पैमाने पर फेरबदल किये गए हैं। इससे पहले शुभेंदु सरकार ने बार-बार कहा था कि वह पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान कथित ’’संस्थागत भ्रष्टाचार’’ की जांच करना चाहती है।

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पश्चिम बंगाल में आईपीएस अधिकारियों का तबादला (प्रतीकात्मक फोटो)

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को राज्य के पुलिस नेतृत्व में बड़े पैमाने पर फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 28 और राज्य पुलिस सेवा (डब्ल्यूबीपीएस) के पांच अधिकारियों का तबादला कर दिया। राज्य ने कई अहम अधिकारियों को भ्रष्टाचार-रोधी और कानून-व्यवस्था की बड़ी जिम्मेदारी दी है जबकि कुछ अन्य को अहम जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। सीआईडी के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) सुप्रतिम सरकार का तबादला कर उन्हें एडीजी (दूरसंचार) बनाया है जबकि सुधार सेवा के महानिदेशक रहे एनआर बाबू को सीआईडी के नए महानिदेशक की जिम्मेदारी दी गई है।

भाजपा के सत्ता में आने के महज तीन महीने के भीतर इतने बड़े पैमाने पर फेरबदल किये गए हैं। इससे पहले शुभेंदु सरकार ने बार-बार कहा था कि वह पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान कथित ’’संस्थागत भ्रष्टाचार’’ की जांच करना चाहती है। आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक अब तक एडीजी (उत्तरी बंगाल) रहे के. जयरमण को अब आर्थिक अपराध निदेशालय (डीईओ) का निदेशक बनाया गया। यह एक विशेष इकाई है जो वित्तीय गड़बड़ियों की जांच में अहम भूमिका निभाएगी।

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1997 बैच के अधिकारी जयरमण अपनी सख्त पुलिसिंग शैली के लिए जाने जाते हैं। वह हाल में गठित न्यायमूर्ति विश्वजीत बसु आयोग के सदस्य सचिव के तौर पर काम कर रहे हैं। शुभेंदु सरकार ने इस आयोग का गठन पूर्ववर्ती सरकार के दौरान हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच करने के लिए किया है।

अधिकारियों के अनुसार 2013 में सिलीगुड़ी पुलिस आयुक्त के तौर पर जयरमण ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) तत्कालीन अधिकारी गोडाला किरण कुमार की गिरफ्तारी की कार्रवाई का पर्यवेक्षण किया था। यह गिरफ्तारी सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण में कथित घोटाले के सिलसिले में हुई थी, जो उस समय उत्तर बंगाल के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार के मामलों में से एक था। अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक अपराध शाखा में जयरमण की नियुक्ति से संकेत मिलता है कि सरकार आर्थिक अपराधों की जांच को मजबूत करना चाहती है। उनका कहना है कि सुप्रतिम सरकार के तबादले का भी संस्थागत महत्व है।

अधिकारी का नामनई नियुक्ति / तबादला
सुप्रतिम सरकार (Supratim Sarkar)एडीजी (CID) से एडीजी (दूरसंचार)
एन. आर. बाबू (N. R. Babu)डीजी (सुधार सेवा/जेल) से सीआईडी के महानिदेशक (DG CID), साथ ही जेल विभाग का अतिरिक्त प्रभार
के. जयरमण (K. Jayaraman)एडीजी (उत्तरी बंगाल) से निदेशक, आर्थिक अपराध निदेशालय (DEO)
प्रवीण कुमार त्रिपाठी (Praveen Kumar Tripathi)आईजी, एसटीएफ से आईजी, होम गार्ड
सुधीर कुमार नीलकंठन (Sudhir Kumar Neelkanthan)आईजी, एसटीएफ नियुक्त
अमित कुमार राठौड़ (Amit Kumar Rathod)डीआईजी, रायगंज रेंज से पुलिस आयुक्त, बिधाननगर
त्रिपुरारी अथर्व (Tripurari Atharv)बिधाननगर पुलिस आयुक्त से एडीजी (यातायात एवं सड़क सुरक्षा)
आनंद सिंह (Anand Singh)एडीजी, पश्चिमी जोन नियुक्त
विशाल गर्ग (Vishal Garg)एडीजी, पश्चिमी जोन से एडीजी, खुफिया शाखा (Intelligence Branch)
प्रदीप कुमार यादव (Pradeep Kumar Yadav)डीसीपी, कोलकाता पुलिस साइबर शाखा नियुक्त
बिशप सरकार (Bishap Sarkar)कमांडिंग ऑफिसर, नारायणी बटालियन (कूचबिहार)
वाई. एस. जगन्नाथराव (Y. S. Jagannath Rao)एसपी, दार्जिलिंग नियुक्त
प्रतीक्षा झारखरिया (Pratiksha Jharkharia)दार्जिलिंग एसपी के पद से स्थानांतरित
मनीष जोशी (Manish Joshi)एसपी, कूचबिहार नियुक्त
जसप्रीत सिंह (Jaspreet Singh)कूचबिहार एसपी के पद से स्थानांतरित
अतीश विश्वास (Atish Biswas)अपर पुलिस अधीक्षक (जोनल), बारुईपुर पुलिस जिला
पिनाकी दत्ता (Pinaki Dutta)एएसपी (जोनल) से अपर पुलिस अधीक्षक (DIB)

क्यों हटाए गए कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त

निर्वाचन आयोग ने इस साल हुए विधानसभा चुनावों के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने की अपनी सामान्य प्रक्रिया के तहत कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त को शहर के शीर्ष पद से हटा दिया था। इसके बाद उन्हें राज्य के सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली जांच प्रभारों में से एक, एडीजी (सीआईडी) के पद पर तैनात किया गया और उन्होंने चुनावों के दौरान तमिलनाडु में पुलिस पर्यवेक्षक के तौर पर भी काम किया था। जानकारों का कहना है कि सुप्रतिम का दूरसंचार इकाई में तबादला राज्य के सबसे अहम और चर्चित जांच प्रभारों में से एक से उनकी विदाई के तौर पर देखा जा रहा है।

प्रवीण कुमार त्रिपाठी के तबादले ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया है। उन्हें विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के महानिरीक्षक पद से हटाकर होम गार्ड का महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है। इससे पहले, पूर्ववर्ती सरकार के दौरान वह कई अहम पदों पर रह चुके हैं, जिनमें कोलकाता पुलिस के जांच विभाग के प्रमुख और हावड़ा व बैरकपुर के पुलिस आयुक्त के पद शामिल हैं।

सुधीर कुमार नीलकंठन को एसटीएफ का नया महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है। एक और अहम बदलाव में, अमित कुमार राठौड़ को बिधाननगर पुलिस का आयुक्त नियुक्त किया गया। उन्होंने त्रिपुरारी अथर्व का स्थान लिया है जिनका तबादला एडीजी (यातायात और सड़क सुरक्षा) के पद पर किया गया है। राठौड़ रायगंज रेंज के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के पद पर तैनात थे।

सरकार ने आनंद सिंह को पश्चिमी जोन का एडीजी नियुक्त किया है। सिंह ने विशाल गर्ग की जगह ली है, जिन्हें खुफिया शाखा में एडीजी नियुक्त किया गया है। प्रदीप कुमार यादव को कोलकाता पुलिस की साइबर शाखा में पुलिस उपायुक्त नियुक्त किया गया है, जबकि बिशप सरकार को कूचबिहार में हाल में बनाई गई नारायणी बटालियन का कमांडिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। वाई एस जगन्नाथराव ने दार्जिलिंग जिले के पुलिस अधीक्षक के तौर पर प्रतीक्षा झारखरिया की जगह ली, जबकि मनीष जोशी कूच बिहार के पुलिस अधीक्षक के तौर पर जसप्रीत सिंह की जगह लेंगे।

एन आर बाबू सीआईडी का नेतृत्व करते हुए जेल विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे। सरकार ने जिला स्तर पर भी तबादले किये हैं। अधिसूचना के मुताबिक हिंसा से प्रभावित बारुईपुर पुलिस जिले में अतीश विश्वास को अपर पुलिस अधीक्षक (जोनल) नियुक्त किया गया। उन्होंने पिनाकी दत्ता की जगह ली है, जिनका तबादला अपर पुलिस अधीक्षक (डीआईबी) पद पर किया गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमार author

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ... और देखें

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