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3500 कैमरों और 100 ड्रोन की निगरानी में होगी अहमदाबाद की रथयात्रा, 30 हजार जवान संभालेंगे सुरक्षा

भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा को लेकर अहमदाबाद में तैयारियां तेज हैं। इस वर्ष की रथयात्रा में तीन मुख्य रथ, 18 गजराज, 103 ट्रक, 30 अखाड़े और विभिन्न भजन मंडलियां हिस्सा लेंगी। सुरक्षा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए पूरे मार्ग को 26 रेंज, 53 एरिया और 1,397 सुरक्षा प्वाइंट में विभाजित किया गया है।

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अहमदाबाद रथ यात्रा के लिए तैयारियां तेज।

भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा को लेकर अहमदाबाद पुलिस ने इस बार अब तक की सबसे उन्नत और तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। करीब 16 किलोमीटर लंबे रथयात्रा मार्ग पर 3,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे तैनात किए गए हैं, जिनमें 1,300 नए एआई-सक्षम कैमरे शामिल हैं। ये कैमरे रूट पर होने वाली हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे नजर रखेंगे।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के पुलिस निरीक्षक धेनु ठाकोर ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रथयात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार का ब्लाइंड स्पॉट न रहे,इसके लिए अतिरिक्त कैमरों की व्यवस्था की गई है। सभी कैमरों को एआई आधारित क्राउड एनालिटिक्स सिस्टम से जोड़ा गया है,जो लगातार भीड़ की स्थिति का विश्लेषण करेगा। यदि किसी स्थान पर भीड़ निर्धारित सीमा से अधिक होती है, तो कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा ताकि पुलिस समय रहते आवश्यक कदम उठा सके।

फेस रिकग्निशन सिस्टम से भी जोड़ा गया कैमरा नेटवर्क

उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कैमरा नेटवर्क को PINAC 2.0 फेस रिकग्निशन सिस्टम से भी जोड़ा गया है। इस डेटाबेस में 65 हजार से अधिक हिस्ट्रीशीटर और अपराधियों की जानकारी मौजूद है। यदि इनमें से कोई व्यक्ति रथयात्रा मार्ग पर दिखाई देता है, तो संबंधित पुलिस टीम को तत्काल सूचना मिल जाएगी। रथयात्रा के दौरान कैमरों से प्राप्त लाइव फुटेज की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय, डीजीपी कार्यालय और विभिन्न पुलिस कमांड सेंटरों से एक साथ की जाएगी। इससे वरिष्ठ अधिकारी रियल टाइम में पूरे आयोजन और सुरक्षा प्रबंधों पर नजर रख सकेंगे।

एआई आधारित वॉयस टेली-कॉलर सिस्टम भी शुरु

पुलिस ने पहली बार एआई आधारित वॉयस टेली-कॉलर सिस्टम भी शुरू किया है। इस प्लेटफॉर्म में 5,000 से अधिक पुलिसकर्मियों का डेटा अपलोड किया गया है, जिससे उन्हें ड्यूटी, शिफ्ट, तैनाती स्थल और आवश्यक उपकरणों से जुड़ी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी। विशेष रूप से दूसरे जिलों से आने वाले पुलिसकर्मियों के लिए यह व्यवस्था काफी उपयोगी मानी जा रही है।

डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने लिया तैयारियों का जायजा

रथयात्रा से पहले गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने डीजीपी जी.एस. मलिक, अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पूरे रथयात्रा मार्ग का निरीक्षण किया और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।

हर्ष संघवी ने बताया कि इस वर्ष की रथयात्रा में तीन मुख्य रथ, 18 गजराज, 103 ट्रक, 30 अखाड़े और विभिन्न भजन मंडलियां हिस्सा लेंगी। सुरक्षा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए पूरे मार्ग को 26 रेंज, 53 एरिया और 1,397 सुरक्षा प्वाइंट में विभाजित किया गया है।

30 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात

रथयात्रा की सुरक्षा के लिए 10 आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों, 42 डीसीपी, 88 एसीपी समेत 30 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 15 एसआरपीएफ और नौ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कंपनियां भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगी।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था में 100 से अधिक ड्रोन भी निगरानी करेंगे। हाथियों की सुरक्षा के लिए जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी और डेसिबल मीटर लगाए गए हैं। इसके अलावा एआई फेस रिकग्निशन कैमरे, 3डी मैपिंग, बॉडी वॉर्न कैमरे, हाईटेक वायरलेस सिस्टम, एआई वॉयस बॉट और एंटी-ड्रोन गन जैसी तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अहमदाबाद पुलिस ने पिछले एक महीने के दौरान विभिन्न समुदायों के साथ लगातार संवाद और बैठकें आयोजित कर सौहार्द और भाईचारे का माहौल बनाए रखने की दिशा में काम किया है। हर्ष सांघवी ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें, धक्का-मुक्की से बचें और सुरक्षा कारणों से रथयात्रा मार्ग पर स्थित जर्जर इमारतों पर चढ़ने से परहेज करें। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक और सुरक्षा बलों के बेहतर समन्वय से इस वर्ष की रथयात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न होगी।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानिया author

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम... और देखें

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