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Kapurthala News: कपूरथला में आदमखोर कुत्तों का खूनी तांडव, महिला को नोंच-नोंचकर उतारा मौत के घाट

पंजाब के कपूरथला जिले के पासन कदीम गांव में लगभग 20 आवारा कुत्तों ने 32 वर्षीय एक महिला को नोंच-नोंचकर मार डाला।

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कुत्तों ने महिला को उतारा मौत के घाट

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

कपूरथला: आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से कुत्तों में आदमखोरी की प्रवृत्ति देखने को मिल रही है। ताजा मामला पंजाब के कपूरथला से सामने आया है, जहां 20 कुत्तों के झुंड ने एक महिला को अपना शिकार बना डाला। आदमखोर कुत्तों ने महिला को नोंच-नोंचकर मौत के घाट के उतार दिया। पुलिस ने बताया कि यह घटना मंगलवार शाम यहां सुल्तानपुर लोधी में हुई, जब महिला अपने मवेशियों को चराने के लिए खेतों में गई थी।

आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश

पुलिस ने बताया कि जब महिला घर नहीं लौटी तो उसके पति ने उसकी तलाश शुरू की और बाद में उसका शव क्षत-विक्षत हालत में मिला। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान परी देवी (32) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आवारा कुत्तों ने उसी गांव की एक अन्य महिला पर भी हमला किया और उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।उपायुक्त अमित कुमार पांचाल ने कहा कि जिला प्रशासन पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता मुहैया करायेगा। उन्होंने संबंधित विभाग को गांव से आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश भी दिया।

नोएडा में बड़ा नियम लागू

बीते कुछ महीनों में देशभर में कुत्तों के हमलों से हो रही मौतों का आंकड़ा तेजी बढ़ता जा रहा है। इन कुत्तों के हमले से कई शहरी सोसाइटी में रहने वालों के बीच विवाद की स्थिति बनते देखा गया है। खासकर, पिटबुल और रॉटविलर जैसी अक्रामक नस्ल के पालतू कुत्तों के पालने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यही नहीं बाकी नस्ल के कुत्ते पालने के लिए भी नगर निगम से लाइसेंस लेना होगा। डॉग ब्रीडिंग सेंटर के लिए पांच हजार रुपये देकर लाइसेंस लेना होगा। इसी बीच गौतमबुद्ध नगर के डीएम ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की गाइडलाइन का पालन करने का कड़ा निर्देश जारी किया है। लेकिन, आवारा कुत्तों के बढ़ते हमले चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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