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सामने थी मौत फिर भी नहीं टूटा हौसला; श्रावस्ती में किशोर ने लड़ी आदमखोर से जंग, अंत में हुआ कुछ ऐसा

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में एक 16 वर्षीय किशोर ने मौत को मात देने का अद्भुत साहस दिखाया। खूंखार तेंदुए के अचानक हमले के बाद किशोर करीब आधे घंटे तक उससे संघर्ष करता रहा।

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आधे घंटे तक मौत से लड़ता रहा 16 साल का किशोर (प्रतीकात्मक फोटो)

Shravasti Leopard Attack: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में एक 16 वर्षीय किशोर और एक खूंखार तेंदुए के बीच जीवन-मरण का ऐसा संघर्ष देखने को मिला, जिसने सभी को हैरान कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए किशोर करीब आधे घंटे तक तेंदुए से जूझता रहा। इस दिल दहला देने वाली मुठभेड़ में तेंदुए की मौत हो गई, जबकि किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

16 साल के किशोर पर किया जानलेवा हमला

जानकारी के मुताबिक घटना श्रावस्ती जिले के सिरसिया थाना क्षेत्र के पटखौली गांव की है। अमूमन शांत रहने वाले इस इलाके में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक आदमखोर तेंदुए ने 16 साल के एक किशोर पर जानलेवा हमला कर दिया। जमुनहा क्षेत्र के एक बगीचे के पास घात लगाए बैठे तेंदुए ने जैसे ही किशोर को देखा, उस पर झपट्टा मार दिया। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसकी कल्पना शायद इस खूंखार शिकारी ने भी नहीं की होगी।

किशोर की आंख और चेहरे पर गंभीर जख्म

सामने साफ मौत खड़ी थी, लेकिन 16 साल के इस जांबाज ने हार नहीं मानी। अपनी जान बचाने के लिए वो निहत्था ही तेंदुए से भिड़ गया। एक तरफ जंगली जानवर के नुकीले दांत और पंजे थे, तो दूसरी तरफ जिंदगी बचाने की जिद थी। करीब आधे घंटे तक किशोर और तेंदुए के बीच मौत का ये खूनी खेल चलता रहा। तेंदुए के इस जानलेवा हमले में किशोर की आंख और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं।

आदमखोर की हुई मौत

शोर-शराबा सुनकर भारी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे, तब तक तेंदुआ किशोर को लहूलुहान कर चुका था। ग्रामीणों की भारी भीड़ को देखकर तेंदुआ वहां से भागा और कुछ ही दूरी पर जाकर खेत में गिर पड़ा, जहां उसकी मौत हो गई। उधर, खून से लथपथ किशोर को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया है।

आखिर कैसे हुई तेंदुए की मौत

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आखिर एक किशोर से संघर्ष के दौरान तेंदुए की मौत कैसे हो गई? इस पर वन विभाग का प्रारंभिक अनुमान है कि तेंदुआ या तो पहले से बीमार था, घायल था या फिर कई दिनों से भूखा होने के कारण बेहद कमजोर हो चुका था।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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