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24K Gold के कंगन पहनकर भारत लौटी महिला, कस्टम ने किया जब्त, जानें आप विदेश से कितना ला सकते हैं सोना?

गोल्ड एक कीमती धातु है और इसके आयात व रिज़र्व पर नज़र रखने का काम RBI करता है। विदेश से भारत लौटते समय आप कितना सोना ला सकते हैं, इसकी सीमा सरकार तय करती है। अगर कोई यात्री इस तय सीमा से ज्यादा सोना लाता है, तो उसे उस पर कस्टम ड्यूटी चुकानी पड़ती है।

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Gold Limit

विदेश से लौटते वक्त अगर आप सोना लाने की सोच रहे हैं तो जरा संभल जाइए। हाल ही में एक महिला जब 24 कैरेट गोल्ड के कंगन पहनकर भारत लौटी, तो एयरपोर्ट पर कस्टम ने उन्हें जब्त कर लिया। लेकिन बाद कुछ ऐसा हुआ जिसे देखकर सभी हैरान रह गए। दरअसल, सोना लाने के लिए सरकार ने सख्त नियम बनाए हैं और तय सीमा से ज्यादा गहने या गोल्ड लाने पर तुरंत कार्रवाई हो सकती है। अब सवाल ये है कि आखिर विदेश से भारत लौटते वक्त आप कितना सोना कानूनी तौर पर ला सकते हैं? उससे पहले जानते हैं आखिर महिला के 24 कैरेट के सोने के कंगनों का गया हुआ?

क्या है मामला?

हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक खास फैसला सुनाया है जिसमे विदेश से सोना पहनकर लौटने वाले यात्रियों को बड़ी राहत दी है। दरअसल, अशिया नाम की भारतीय महिला नवंबर 2023 में सऊदी अरब से दिल्ली लौटी थीं उसने हाथ में चार 24 कैरेट सोने की चूड़ियां पहन रखी थीं, जिनका वजन 250 ग्राम था। लेकिन जैसे ही महिला दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंची तो कस्टम विभाग ने इन्हें जब्त कर लिया और स्मगलिंग का शक जताया। हालांकि, जब केस शुरू हुआ तो अदालत ने कहा कि अशिया न तो आदतन अपराधी हैं और न ही इतनी गोल्ड की मात्रा किसी बिजनेस के लिए पर्याप्त है। इसलिए उन्हें केवल वेयरहाउसिंग चार्ज भरकर अपना जेवर वापस लेने की अनुमति दी गई।

कस्टम पर लोग सोने के सामान की चेकिंग इसलिए भी करते हैं क्योंकि विदेश से आप लिमिट तक ही सोना ला सकते हैं। उससे ज्यादा सोना लाने अपर आपको टैक्स भरना पड़ सकता है। कस्टम अधिकारियों ने कोर्ट में तर्क दिया कि 24 कैरेट का सोना आमतौर पर आभूषणों में इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए इसे बुलियन यानी कच्चा सोना माना जाना चाहिए। इस आधार पर उन्होंने जुर्माना और पेनाल्टी लगाने की कोशिश की। लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को बेबुनियाद साबित करते हुए कहा कि ‘सिर्फ शुद्धता’ गहने को बुलियन में नहीं बदल देती। अदालत ने पुराने नियमों को याद दिलाते हुए कहा कि नियमों में कहीं भी यह नहीं लिखा कि 22 कैरेट और 24 कैरेट में फर्क करके गहने की परिभाषा तय की जाएगी। अगर कोई यात्री गहने पहनकर आ रहा है और उन्हें छिपाया नहीं गया है, तो यह पर्सनल ज्वेलरी मानी जाएगी न कि स्मगलिंग।

कानून में क्या कहा गया है?

Baggage Rules, 2016 के मुताबिक कोई भी यात्री अपने पर्सनल गहने और सामान भारत में ला सकता है। कोर्ट ने फिर दोहराया कि विदेश से लौटते वक्त अगर आपके पास पर्सनल ज्वेलरी है और आप उसे सामान्य रूप से पहने हुए हैं, तो उसे जब्त करने या भारी जुर्माना लगाने का कोई तुक नहीं बनता है। यानी कस्टम इस सामान को न तो जब्त कर सकता है और न ही इस पर जुर्माना लगा सकता है।

ऐसे में यात्रियों को क्या करना चाहिए?

ऐसे मामलों में यात्रियों को अपने गहनों की ‘पर्सनल यूज़’ साबित करने के लिए कुछ सबूत अपने पास रखना चाहिए। जैसे पुराने फोटो जिसमे उन्होंने ये गहने पहने हों, खरोंच या खुदाई के निशान, या फिर खरीद की रसीदें शामिल हो।

कितना सोना ला सकते हैं?

गोल्ड एक कीमती धातु है और इसके आयात व रिज़र्व पर नज़र रखने का काम RBI करता है। विदेश से भारत लौटते समय आप कितना सोना ला सकते हैं, इसकी सीमा सरकार तय करती है। अगर कोई यात्री इस तय सीमा से ज्यादा सोना लाता है, तो उसे उस पर कस्टम ड्यूटी चुकानी पड़ती है।

अगर आप गोल्ड बार या तोला बार (जिन पर मैन्युफैक्चरर का नाम या सीरियल नंबर दर्ज हो) लाते हैं, तो उस पर 12.5% ड्यूटी लगती है। वहीं, सोने के गहनों पर (जिनमें पत्थर या मोती जड़े न हों) 12.5% ड्यूटी के साथ-साथ 1.25% सरचार्ज भी देना पड़ता है।

दुबई से कितना सोना ला सकते हैं?

दुबई से सोना लाने की एक तय सीमा होती है। अगर कोई व्यक्ति विदेश में 1 साल से ज्यादा समय तक रह चुका है, तो उसे सीमा शुल्क में विशेष छूट मिलती है। इस नियम के तहत पुरुष यात्रियों को ₹50,000 तक की सोने की ज्वेलरी लाने की छूट है, जबकि महिला यात्रियों को ₹1 लाख तक की सोने की ज्वेलरी बिना किसी ड्यूटी के लाने की अनुमति होती है। यानी तय सीमा तक गोल्ड लाने पर कोई समस्या नहीं है, लेकिन उससे ज्यादा सोना लाने पर यात्रियों को सरकार के नियमों के मुताबिक टैक्स और चार्जेस चुकाने होंगे।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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