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शेयर बाजार में लगातार क्यों हो रही गिरावट? मार्केट क्रैश के पीछे ये हैं 4 बड़े कारण

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। शुरुआती ट्रेडिंग में सेंसेक्स 460 अंक यानी 0.55% टूटकर 82,850 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 134 अंक या 0.53% गिरकर 25,376 के आसपास कारोबार कर रहा था। ऐसे में आइए जानते हैं शेयर बाजार में लगातार क्यों आ रही इतनी बड़ी गिरावट?

Share Market Crash

भारतीय शेयर बाजार में आज खत्म हो रहे कारोबारी हफ्ते में फिर बड़ी गिरावट देखने को मिली है। एशियाई बाजारों में कोहराम और अमेरिकी टेक शेयरों में भारी बिकवाली के बीच शुक्रवार 7 नवंबर को सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन की शुरुआत बेहद कमजोर रही। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स खुलते ही 600 अंकों से ज्यादा फिसल गया और 82,690 के स्तर तक गिर गया। वहीं, निफ्टी भी 175 अंकों की भारी गिरावट के साथ 25,334 के लेवल पर ट्रेड करता नजर आया। इससे पहले गुरूवार को भी शेयर बाजार की क्लोजिंग लाल निशान पर ही हुई थी। वहीं आज के शुरुआती सत्र में ही निवेशकों में घबराहट देखी गई, जिससे अधिकांश दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में चले गए।

बीएसई के लार्जकैप इंडेक्स में शामिल 30 में से 27 शेयर गिरावट में रहे। सबसे ज्यादा नुकसान भारती एयरटेल को हुआ, जो ब्लॉक डील की खबर के बाद करीब 4% लुढ़ककर ₹2012 पर आ गया। इसके अलावा HCL Tech, TCS और Tech Mahindra जैसे आईटी स्टॉक्स में भी 1.5–2% की गिरावट देखी गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी बिकवाली रही Bliss GVS 16% और Amber 14% तक टूटे। ऐसे में आइए जानते हैं आखिर बाजार में कोहराम क्यों मचा हुआ है?

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मार्केट क्रैश के 4 बड़े कारण

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने ₹1,067 करोड़ की बिकवाली की, जो लगातार पांचवां दिन था जब वे नेट सेलर रहे। इस भारी बिकवाली से बाजार की सेंटिमेंट पर नकारात्मक असर पड़ा है और घरेलू निवेशकों ने भी मुनाफावसूली शुरू कर दी है।

डॉलर की मजबूती और मेटल शेयरों पर दबाव

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 100.16 के स्तर तक पहुंच गया है, जो पिछले पांच महीनों में सबसे ऊंचा स्तर है। मजबूत डॉलर से कमोडिटी की कीमतें गिरती हैं और भारत जैसे आयातक देशों पर लागत का दबाव बढ़ जाता है। इसका सीधा असर निफ्टी मेटल इंडेक्स पर पड़ा, जो करीब 2% टूट गया। हिंदालको और ग्रासिम जैसे शेयरों में 6% तक गिरावट देखी गई।

ग्लोबल मार्केट में भारी गिरावट

अमेरिकी शेयर बाजारों में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिससे दुनियाभर के बाजारों में दबाव बढ़ गया। Dow Jones 397 अंक यानी 0.84% गिरकर 46,913 पर बंद हुआ, जबकि S&P 500 75 अंक (1.12%) टूटकर 6,720 पर आ गया। वहीं, Nasdaq में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जो 445 अंक यानी 1.90% फिसलकर 23,054 के स्तर पर बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों की इस गिरावट का सीधा असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। जापान का Nikkei 225 1.56% टूटा, Topix Index 0.5% गिरा, दक्षिण कोरिया का Kospi 0.46% नीचे आया, जबकि Kosdaq 0.92% फिसल गया। इसके साथ ही हांगकांग के Hang Seng Index Futures ने भी कमजोर शुरुआत के संकेत दिए, जिससे एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखने को मिला।

टेक और एआई शेयरों में जबरदस्त गिरावट

अमेरिकी टेक कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है, जिससे दुनिया भर के बाजारों का मूड खराब हुआ।

NVIDIA 3.65% टूटा

AMD 7.27% गिरा

Amazon 2.86% फिसला

Microsoft 1.98% गिरा

Tesla 3.54% नीचे आया

DoorDash 17.5% और ELF Beauty 35% तक लुढ़क गए

टेक सेक्टर की इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों में डर बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर भारतीय आईटी और टेक स्टॉक्स पर भी पड़ा।

(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)

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रिचा त्रिपाठी
रिचा त्रिपाठी Author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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