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Salary आते ही Bank Account क्यों हो जाता है खाली? कहीं आप तो नहीं करते ये 7 बड़ी गलतियां

हर नौकरीपेशा को मंथली सैलरी का बेसब्री से इंतजार रहता है। वहीं, जैसे ही खाते में पैसा आता है, कुछ समय के लिए लगता है कि इस महीने अच्छी बचत हो जाएगी। लेकिन ऐसा हो नहीं पाता।

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सैलरी आते ही कुछ ही दिनों में क्यों खाली हो जाता है बैंक अकाउंट? (Photo: iStock)

बहुत से लोगों के साथ ऐसा होता है कि महीने के अंत में उनका सैलरी (Salary) अकाउंट खाली हो जाता है। इसकी वजह कम सैलरी नहीं होती, बल्कि पैसों को मैनेज करने का गलत तरीका हो सकता है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आपको अपनी कुछ आदतों पर ध्यान देना चाहिए। सैलरी को लेकर आपको कुछ बड़ी गलतियों से बचना चाहिए-

सैलरी आते ही शॉपिंग करना

कई लोग सैलरी क्रेडिट होते ही ऑनलाइन शॉपिंग, कपड़े, जूते, गैजेट या दूसरी चीजों पर पैसा खर्च करना शुरू कर देते हैं। महीने की शुरुआत में अकाउंट (Bank Account) में बैलेंस ज्यादा दिखाई देता है, इसलिए खर्च करने में ज्यादा परेशानी महसूस नहीं होती। यही छोटे-छोटे खर्च मिलकर बड़ी रकम बन जाते हैं।

बजट नहीं बनाना

अगर आपको यह पता ही नहीं है कि महीने में कितना पैसा कहां खर्च करना है तो पैसा तेजी से खत्म होगा। बिना बजट के व्यक्ति जरूरत और इच्छा के बीच अंतर नहीं कर पाता।

छोटी-छोटी चीजों पर ज्यादा खर्च

चाय-कॉफी, बाहर का खाना, ऑनलाइन फूड ऑर्डर, कैब, छोटे सब्सक्रिप्शन या रोजमर्रा की छोटी खरीदारी देखने में बहुत मामूली लगती है। लेकिन अगर रोज 100-200 रुपये भी ऐसे खर्च हो रहे हैं तो महीने के अंत तक अच्छी-खासी रकम निकल सकती है।

क्रेडिट कार्ड का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल

क्रेडिट कार्ड से भुगतान करते समय तुरंत बैंक अकाउंट से पैसा कम नहीं होता। इसी वजह से कई लोग अपनी वास्तविक खर्च करने की क्षमता से ज्यादा खर्च कर देते हैं। बाद में बिल आने पर पता चलता है कि सैलरी का बड़ा हिस्सा पहले ही खर्च हो चुका है।

सैलरी मिलते ही बचत को टाल देना

बहुत से लोगों की आदत होती है कि पहले पूरे महीने खर्च करेंगे और जो पैसा बचेगा, उसे सेव कर लेंगे। समस्या यह है कि महीने के अंत तक अक्सर कुछ बचता ही नहीं है। इसके बजाय सैलरी आते ही बचत की रकम अलग कर दें। मदद कर सकती है।

इमरजेंसी फंड नहीं बनाना

अगर अचानक मेडिकल खर्च, नौकरी से जुड़ी समस्या, घर की मरम्मत या कोई दूसरी जरूरत आ जाए और आपके पास अलग से पैसा न हो, तो आपको अपनी सैलरी या क्रेडिट कार्ड पर निर्भर होना पड़ सकता है।

अपनी लाइफस्टाइल को सैलरी के साथ बढ़ाना

सैलरी बढ़ने के साथ खर्च बढ़ाना यानी लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन भी पैसे बचने नहीं देता। सैलरी बढ़ी तो महंगा फोन, ज्यादा बाहर खाना, महंगे कपड़े, बड़ी EMI या ज्यादा घूमने-फिरने का खर्च शुरू हो जाता है। इससे कमाई बढ़ने के बावजूद बचत में खास बढ़ोतरी नहीं होती।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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