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SIP से करोड़पति बनने का सपना अधूरा क्यों रह जाता है? कहां रह जाती है कमी

SIP में आप हर महीने एक तय राशि निवेश करते हैं। शुरुआत में ये रकम धीमी रफ्तार से बढ़ती है, लेकिन जैसे-जैसे साल गुजरते हैं, कम्पाउंडिंग (Compounding) का असर तेजी से दिखने लगता है। लेकिन SIP में निवेश करने पर कुछ लोग छोटी गलतियां कर बैठते हैं जिसका असर उनके रिटर्न पर पड़ता है।

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Mistake To avoid in SIP

करोड़पति बनना हर किसी का सपना होता है लेकिन बहुत ही कम लोग करोड़पति बन पाते हैं। जल्दी अमीर या करोड़पति बनने के लिए लोग म्यूचुअल फंड की SIP में तेजी से निवेश बढ़ा रहे हैं। ये बाजार में निवेश का एक ऐसा तरीका है जिससे आप हर महीने की छोटी बचत करके करोड़ों का फंड जमा करा सकते हैं। लेकिन करोड़पति बनने के लिए केवल SIP कर देना ही काफी नहीं है। इसके लिए कई चीजें हैं जिनपर आपको ध्यान देना चाहिए। अगर आप भी SIP में निवेश करते हैं तो आइए बताते हैं कि SIP से करोड़पति क्यों नहीं बन पाते हैं लोग या कहां कमी रह जाती है?

कैसे काम करती है SIP

SIP में आप हर महीने एक तय राशि निवेश करते हैं। शुरुआत में ये रकम धीमी रफ्तार से बढ़ती है, लेकिन जैसे-जैसे साल गुजरते हैं, कम्पाउंडिंग (Compounding) का असर तेजी से दिखने लगता है। शुरुआत में बीज जैसा निवेश धीरे-धीरे जड़ें जमाता है, और वक्त के साथ यह पेड़ की तरह फल देने लगता है।

कहां रह जाती है कमी?

SIP से करोड़पति बनने का सपना हर निवेशक देखता है, लेकिन अक्सर लोग इस लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाते हैं। इसके पीछे मुख्य वजह यह है कि निवेशक सही रणनीति, समय और धैर्य का पालन नहीं कर पाते। कई लोग केवल छोटी अवधि के लिए निवेश करते हैं या बाजार की उथल-पुथल देखकर जल्दी-जल्दी पैसे निकाल लेते हैं। इसके अलावा, कंपाउंडिंग का असर तभी दिखता है जब आप लंबे समय तक नियमित निवेश करते रहें। छोटी-छोटी गलतियां, जैसे निवेश में अनुशासन की कमी या धैर्य खो देना, SIP से करोड़पति बनने की संभावना को काफी कम कर देती हैं। इसलिए, सही योजना, लंबी अवधि और नियमित निवेश के बिना यह सपना अधूरा ही रह जाता है।

21 साल में करोड़पति बनने का सफर

यह उदाहरण Nifty 50 TRI Index के 21 साल के आंकड़ों (जनवरी 2004 से दिसंबर 2024) पर आधारित है। इसमें हर महीने ₹10,000 की SIP की गई है। अब देखिए, समय के तीन चरणों में कैसे पैसा बढ़ा:

पहला चरण (0-7 साल)

कुल निवेश: ₹8,40,000

कुल वैल्यू: ₹17,21,882

लाभ: ₹8,81,882 (सिर्फ 9% कुल मुनाफे का हिस्सा)

इस समय आपका निवेश धीमी रफ्तार से बढ़ता है। जैसे बीज को जड़ें जमाने में समय लगता है, वैसे ही शुरुआती वर्षों में SIP का ग्रोथ सीमित रहता है।

दूसरा चरण (7-14 साल)

कुल निवेश: ₹16,80,000

कुल वैल्यू: ₹45,78,524

लाभ: ₹28,98,524 (लगभग 20% कुल मुनाफे का हिस्सा)

तीसरा चरण (14-21 साल)

कुल निवेश: ₹25,20,000

कुल वैल्यू: ₹1,26,39,457

लाभ: ₹1,01,19,457 (कुल मुनाफे का 71%)

ये 3 चीजें गांठ बांध लें

1. नियमित निवेश करें: चाहे बाजार ऊपर हो या नीचे, हर महीने SIP जारी रखें।

2. लंबा नजरिया रखें: कम से कम 15-20 साल तक निवेश बनाए रखें।

3. धैर्य रखें: बीच में मुनाफे या गिरावट देखकर न घबराएं।

अगर आप ₹10,000 की SIP में 21 साल तक निवेश करते हैं, तो कुल ₹25.2 लाख निवेश से आपको लगभग ₹1.26 करोड़ तक का फंड मिल सकता है। यानी ₹1 लाख से भी ज्यादा का फायदा सिर्फ समय की ताकत से।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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