Gold Ring Scheme : तमिलनाडु सरकार ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात बच्चों के लिए एक बेहद खास और अनूठी कल्याणकारी योजना का ऐलान किया है। इस नई योजना के तहत सरकार हर नवजात बच्चे को एक ग्राम सोने की अंगूठी उपहार के रूप में देगी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 28 सितंबर को इस 'वन-ग्राम गोल्ड रिंग स्कीम' का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण की शुरुआत के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है और वितरण के लिए 1.28 लाख सोने की अंगूठियां पहले ही खरीदकर सुरक्षित रख ली गई हैं।
'ताइमामन थंगा मोथिरम थिट्टम' योजना का नाम और उद्देश्य
इस जनकल्याणकारी योजना का नाम 'ताइमामन थंगा मोथिरम थिट्टम' रखा गया है, जिसका हिंदी में सरल अर्थ 'मामा सोने की अंगूठी योजना' होता है। दक्षिण भारतीय संस्कृति में मामा द्वारा भांजे या भांजी को जन्म के समय उपहार देने की एक पुरानी और सुंदर परंपरा रही है, उसी संस्कृति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह नाम चुना है। यह योजना मुख्य रूप से तमिलगा वेत्री कजगम पार्टी के उन मुख्य चुनावी वादों में से एक थी, जो मुख्यमंत्री विजय ने अप्रैल में हुए विधानसभा चुनावों से पहले जनता से किए थे। चुनाव जीतकर सत्ता में आने के बाद अब सरकार अपने इस बड़े चुनावी वादे को जमीन पर उतार रही है।
22 कैरेट सोना, सुरक्षा और पारदर्शिता की पूरी व्यवस्था
सरकार इस बात का विशेष ध्यान रख रही है कि योजना में पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहे। दी जाने वाली सभी अंगूठियां 22-कैरेट शुद्ध सोने की होंगी। सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रत्येक सोने की अंगूठी पर एक विशिष्ट (यूनिक) सीरियल नंबर दर्ज होगा और इन्हें पूरी तरह से टेम्पर्ड-प्रूफ (छेड़छाड़ रहित) पैकेजिंग में रखा जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके। तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन ने इन अंगूठियों की आपूर्ति के लिए प्रसिद्ध ज्वेलरी ब्रांड्स 'जॉयअलुकास' और 'कल्याण ज्वेलर्स' के साथ अनुबंध किया है, जिन्हें 70:30 के अनुपात में आपूर्ति का जिम्मा सौंपा गया है।
किन्हें मिलेगा लाभ और कब से लागू मानी जाएगी योजना?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें और तिथियां तय की गई हैं। यह योजना 22 जून से ही पूर्वव्यापी (पिछली तारीख से) प्रभाव से लागू मानी जाएगी, जो कि मुख्यमंत्री विजय का जन्मदिन भी है। इसका सीधा मतलब यह है कि 22 जून के बाद से राज्य के किसी भी सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले सभी बच्चे इस योजना के पहले चरण के तहत लाभ पाने के हकदार होंगे। इसके अलावा, योजना का लाभ उठाने के लिए बच्चे के माता-पिता का तमिलनाडु का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
बजट, कुल लक्ष्य और लॉन्च की तारीख में बदलाव का कारण
तमिलनाडु सरकार ने इस योजना को पूरे वर्ष सुचारू रूप से चलाने के लिए 755.83 करोड़ रुपये का एक बड़ा वार्षिक बजटीय प्रावधान किया है। सरकार का लक्ष्य पूरे साल के दौरान कुल 4.41 लाख नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठी वितरित करने का है। पहले इस योजना का शुभारंभ 15 सितंबर को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सी. एन. अन्नादुरई की जयंती के अवसर पर किया जाना तय हुआ था। हालांकि, मुख्यमंत्री की पूर्व निर्धारित आधिकारिक विदेश यात्रा के कारण इस कार्यक्रम की तारीख को आगे बढ़ाकर 28 सितंबर कर दिया गया। अब 28 सितंबर से पहले बैच की 1.28 लाख अंगूठियों का वितरण शुरू हो जाएगा।
