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West Bengal में आयुष्मान भारत के लिए कौन है पात्र और कैसे करें आवेदन? जानें पूरी प्रक्रिया

पश्चिम बंगाल में अब आयुष्मान भारत योजना के तहत सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलना आसान हो गया है। अगर आप भी इस योजना की पात्रता और कार्ड बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया जानना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए है।

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Ayushman Card

पश्चिम बंगाल में पहले से ही 'स्वास्थ्य साथी' योजना चल रही है, लेकिन आयुष्मान भारत के लागू होने से राज्य के निवासियों को अब राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके तहत बना कार्ड न केवल बंगाल में, बल्कि देश के किसी भी सूचीबद्ध (Empanelled) अस्पताल में इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों के बड़े अस्पतालों में जाना पड़ता है।

कौन है इस योजना के लिए पात्र?

आयुष्मान भारत योजना का लाभ हर किसी को नहीं मिलता। इसके लिए कुछ विशेष पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं, जो मुख्य रूप से 2011 की सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC 2011) पर आधारित हैं

  • ग्रामीण क्षेत्र: वे परिवार जो कच्चे मकानों में रहते हैं, जिनमें कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं है, या जो भूमिहीन दिहाड़ी मजदूर हैं, वे इसके पात्र हैं।
  • शहरी क्षेत्र: कचरा बीनने वाले, घरेलू कामगार, रेहड़ी-पटरी वाले, मोची, प्लंबर, राजमिस्त्री और इसी तरह के अन्य कम आय वाले व्यवसायों से जुड़े लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
  • अन्य पात्रता: जिन परिवारों के पास पहले से ही राशन कार्ड है और जो गरीबी रेखा के नीचे (BPL) आते हैं, वे अपनी पात्रता आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं।

योजना के लाभ

इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। इसमें अस्पताल में भर्ती होने से लेकर, सर्जरी, दवाइयां, जांच और डिस्चार्ज के बाद का खर्च भी शामिल होता है। कैंसर, हृदय रोग और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज भी इस योजना के दायरे में आता है।

आवेदन और कार्ड बनाने की प्रक्रिया

  • सबसे पहले आयुष्मान भारत की आधिकारिक वेबसाइट (pmjay.gov.in) पर जाएं या 'Am I Eligible' पोर्टल पर अपना मोबाइल नंबर और राशन कार्ड नंबर डालकर चेक करें कि आपका नाम लिस्ट में है या नहीं।
  • अगर आप पात्र हैं, तो आप अपने नजदीकी 'Common Service Center' (CSC) या किसी सरकारी अस्पताल में बने आयुष्मान हेल्प डेस्क पर जा सकते हैं।
  • आवेदन के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड और एक सक्रिय मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती है। ई-केवाईसी (e-KYC) के लिए बायोमेट्रिक या ओटीपी का उपयोग किया जाता है।
  • अब आप अपने स्मार्टफोन पर 'Ayushman App' डाउनलोड करके भी खुद का और अपने परिवार का कार्ड बना सकते हैं। ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए घर बैठे केवाईसी पूरी की जा सकती है।
  • एक बार डेटा वेरीफाई होने के बाद, आप पोर्टल या ऐप से अपना डिजिटल आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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