अमेरिकी में हो रहे इलेक्शन पर पूरी दुनिया की नजर जमी हुई है। अमेरिकी चुनाव के संभावित नतीजों को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पहले ही तैयारी कर ली है। वह इससे तनिक भी टेंशन में नहीं है। फिर चाहे जो भी नतीजा हो। NBT ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में अगर रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप अगले सप्ताह जीत जाते हैं तो भारत का केंद्रीय बैंक विदेशी धन के संभावित और अचानक आउटफ्लो और रुपये में किसी भी तरह की भारी गिरावट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
बाजार में उथल-पुथल मचती है तो RBI के पास विदेशी मुद्रा का बड़ा भंडार है। इससे रुपये को स्थिर रखा जा सकता है। आरबीआई यह भी देख रहा है कि नई अमेरिकी सरकार चीन पर नए टैरिफ लगाती है या नहीं। इस कदम से भारत में महंगाई बढ़ सकती है।
विदेशी मुद्रा भंडार का होगा इस्तेमाल
भारतीय रिजर्व बैंक वैश्विक बाजार में अस्थिरता और विदेशी फंड के आउटफ्लो की स्थिति में घरेलू मुद्रा की रक्षा के लिए अपने बड़े विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल करेगा।
चीन से आयात पर 60 फीसदी चार्ज लगाने का वादा
चीन के प्रति अमेरिकी टैरिफ में किसी भी तरह की भारी बढ़ोतरी से भारत और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ट्रंप ने चीन से आयात पर 60 प्रतिशत शुल्क लगाने का वादा किया है।
इस महीने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में लगभग 50 बेसिक पॉइंट्स की बढ़ोतरी हुई है और चुनाव के दिन नजदीक आने पर डॉलर इंडेक्स 3.3 फीसदी मजबूत हुआ। भारतीय शेयरों से विदेशी फंडों में रिकॉर्ड 10 अरब डॉलर से अधिक का आउटफ्लो हुआ है, जबकि विदेशियों ने ऋण बाजार से 700 मिलियन डॉलर निकाले हैं।
