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What is Stop Loss and GTT Order: क्या होता है Stop Loss और GTT Order, समझ गए तो शेयर ट्रेड करने में आएगा काम

What is Stop Loss and GTT Order: बाजार में काफी उतार-चढ़ाव होता है, निवेशक अक्सर अपने ट्रेड को प्रभावी ढंग से मैनेज करने की चुनौती से जूझते हैं। हालाँकि, टेक्नोलॉजी के आने से GTT (गुड टिल ट्रिगर) ऑर्डर और स्टॉप लॉस जैसे फीचर्स कुछ ऐसे टूल के रूप में सामने आए हैं, जो निवेशकों को अपने ट्रेड को सही समय में एक्जीक्यूट करने में लाभ प्रदान करते हैं।

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क्या होता है स्टॉप लॉस

Photo : iStock

What is Stop Loss and GTT Order: बाजार में काफी उतार-चढ़ाव होता है, निवेशक अक्सर अपने ट्रेड को प्रभावी ढंग से मैनेज करने की चुनौती से जूझते हैं। हालाँकि, टेक्नोलॉजी के आने से GTT (गुड टिल ट्रिगर) ऑर्डर और स्टॉप लॉस जैसे फीचर्स कुछ ऐसे टूल के रूप में सामने आए हैं, जो निवेशकों को अपने ट्रेड को सही समय में एक्जीक्यूट करने में लाभ प्रदान करते हैं। इस लेख में, हम GTT ऑर्डर और स्टॉप लॉस के बारे में जानेंगे।

क्या होता है स्टॉप लॉस (Stop Loss)

स्टॉप लॉस (Stop Loss) वह प्राइस होता है, जिस पर आप अपने शेयर सेल कर देते हैं। स्टॉप लॉस प्राइस पर शेयर बेच देने से आप बड़े नुकसान से बच जाते हैं। दरअसल, आप किसी शेयर की मौजूदा प्राइस पर उसमें संभावित नुकसान की सीमा को तय कर लेते हैं। इसके बाद ही आप किसी शेयर में स्टॉप लॉस लगाते हैं, जिससे आपका नुकसान कम हो होता है। हालांकि, स्टॉप लॉस का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है जिससे स्टॉक मार्केट (Stock Market) के उतार-चढ़ाव के दौर में आप नुकसान से बच सकें।

Stop Loss Order कैसे करें?

अगर आपने 100 रुपये में स्टॉक खरीदा है और आप नुकसान को 5 रुपये प्रति शेयर तक लिमिट करना चाहते हैं तो स्टॉक के 95 पर आते ही स्टॉक को बेचने के लिए सिस्टम में ऑर्डर दे सकते हैं। इस तरह के ऑर्डर को 'स्टॉप लॉस सेल ऑर्डर (Stop Loss Sell Order) कहा जाता है। वहीं, यदि आपके पास स्टॉक में 100 रुपये की शॉर्ट पोजीशन है और 5 रुपये प्रति शेयर पर लिमिट करना चाहते हैं, जैसे ही स्टॉक 105 तक बढ़ जाएगा तो आप सिस्टम में स्टॉक खरीदने के लिए ऑर्डर दे सकते हैं। इस तरह के ऑर्डर को स्टॉप लॉस बाय ऑर्डर (Stop Loss Buy Order) माना जाता है।

जीटीटी ऑर्डर क्या है?

GTT, गुड टिल ट्रिगर्ड का संक्षिप्त नाम है, जो निवेशकों को पूर्व निर्धारित कीमतों पर स्टॉक खरीदने या बेचने का अवसर प्रदान करता है। पारंपरिक ऑर्डर के विपरीत जो एक कारोबारी दिन के अंत में समाप्त हो जाते हैं, GTT ऑर्डर एक साल की अवधि तक के लिए रहते हैं। ये ऑर्डर तभी एग्जीक्यूट होते हैं जब स्टॉक की कीमत तय ट्रिगर के साथ मैच होती है। इस तरह बार-बार शेयर के लेवल को देखने की जरूरत नहीं पड़ती है।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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