what is rebate in income tax : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने पांचवें बजट में सेवा क्षेत्र से जुड़ेु लोगों को इनकम टैक्स से बड़ी राहत दी। नए रिजीम के टैक्स स्लैब के तहत अब सात लाख रुपए तक की कमाई पर लोगों को अब कोई टैक्स नहीं देना होगा। अब 0 से 3 लाख रुपए की आय पर शून्य, 3 से 6 लाख रुपए की कमाई पर 5%, 6 से 9 लाख रुपए की आय पर 10%, 9 से 12 लाख पर 15%, 12 से 15 लाख रुपए की कमाई पर 20% और 15 लाख रुपए से ऊपर की आय पर 30% टैक्स देना होगी।
ऐसे समझें फायदा
अभी तक नौकरी पेशा वाले लोगों को 87-A के तहत 2.50 से 5 लाख रुपए की आय पर छूट मिलती थी। इस छूट से लोगों को करीब 12.5 प्रतिशत तक का फायदा मिलता था। अब सरकार ने इसे पांच लाख से बढ़ाकर 7 लाख रुपए कर दिया है। पहले पांच लाख से ऊपर होने वाली आय पर 20 प्रतिशत टैक्स लगता था। नौकरी पेशा वाले लोगों को दो लाख रुपए पर 20 हजार रुपए टैक्स और देना पड़ता था। अब यह लाभ भी मिलने जा रहा है। यानी टैक्स स्लैब में बदलाव होने से अब लोगों को 32 हजार रुपए का सीधा फायदा होगा।पहले 9 लाख की सैलरी पर था 5 प्रतिशत टैक्स
पहले जिनकी सैलरी 9 लाख रुपए थी उन्हें पहले 15 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता था। अब उन्हें 10 प्रतिशत टैक्स देना पड़ेगा। इस बार सरकार ने टैक्स के नए रिजीम पर ज्यादा फोकस किया है। पहले 2.5 लाख से 5 लाख का टैक्स स्लैब होता था जिस पर 5 प्रतिशत टैक्स देना होता था। इस स्लैब को अब तीन से छह लाख रुपए कर दिया गया है।आखिरी बार साल 2017-18 में इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया गया था। ऐसे में इस बार वित्त मंत्री से बड़ी राहत की उम्मीद करदाता कर रहा है। वहीं नए टैक्स रिजीम में 10 फीसदी का स्लैब साल 2020 में जोड़ा गया। लेकिन ज्यादातर करदाता को नया रिजीम रास नहीं आया। ऐसे में उसे टैक्स रेट पर राहत नहीं मिली।
