बिजनेस

दोस्त के कहने पर बन रहे हैं लोन गारंटर? भूलकर भी न करें यह गलती, वरना सालों-साल तक नहीं जाएगा ये दाग!

किसी दोस्त या रिश्तेदार के लोन का गारंटर बनना भारी वित्तीय जोखिम ला सकता है। अगर मुख्य उधारकर्ता डिफॉल्ट करता है, तो कानूनी और वित्तीय जिम्मेदारी आप पर आ जाती है। आइए बताते हैं गारंटर बनने की क्या जिम्मेदारियां हैं?

Image

दोस्त के कहने पर बन रहे हैं लोन गारंटर?

जब कोई दोस्त या रिश्तेदार होम लोन, पर्सनल लोन या कार लोन के लिए आवेदन करता है, तो बैंक अक्सर उनसे एक गारंटर (Loan Guarantor) की मांग करते हैं। ऐसे समय में भावना में बहकर या रिश्तेदारी निभाने के लिए लोग बिना सोचे-समझे गारंटर बनने के कागजात पर दस्तखत कर देते हैं। ज्यादातर लोगों को लगता है कि गारंटर बनने का मतलब केवल एक गवाह (Witness) बनना है, लेकिन असल में यह एक बहुत बड़ी वित्तीय और कानूनी जिम्मेदारी होती है। अगर मुख्य उधारकर्ता लोन की ईएमआई (EMI) भरने में चूक करता है, तो बैंक कानूनी रूप से गारंटर से पूरे पैसे की वसूली कर सकते हैं।

लोन गारंटर बनने के नुकसान

लोन गारंटर बनने का सबसे बड़ा और सीधा नुकसान आपके सिबिल स्कोर (CIBIL Score) और क्रेडिट प्रोफाइल पर पड़ता है। जैसे ही आप किसी के लोन के गारंटर बनते हैं, वह लोन आपके क्रेडिट रिपोर्ट में 'गारंटीड लोन' के रूप में दर्ज हो जाता है। अगर लोन लेने वाला व्यक्ति समय पर किस्तें नहीं चुकाता या डिफ़ॉल्ट कर देता है, तो उसका सीधा नकारात्मक असर आपके सिबिल स्कोर पर भी पड़ेगा। एक बार क्रेडिट रिपोर्ट पर डिफॉल्ट का दाग लग जाए, तो उसे सुधरने में सालों-साल का समय लग जाता है, भले ही आपने खुद कोई लोन न लिया हो।

दूसरा बड़ा जोखिम यह है कि किसी की गारंटी देने से आपकी खुद की लोन लेने की क्षमता (Loan Eligibility) काफी घट जाती है। बैंक यह मानते हैं कि अगर मुख्य उधारकर्ता ने पैसे नहीं दिए, तो आपको वह लोन चुकाना पड़ेगा। इसलिए, जब आप अपने किसी पर्सनल काम या मकान के लिए बैंक से लोन मांगने जाएंगे, तो बैंक उस गारंटीड लोन की पूरी राशि को आपकी देनदारी मानेंगे और आपको कम लोन ऑफर करेंगे या आपका आवेदन खारिज भी कर सकते हैं।

लोन गारंटर की जिम्मेदारी

कानूनी रूप से देखा जाए तो बैंक गारंटर और मुख्य उधारकर्ता दोनों को एक ही पायदान पर रखते हैं। अगर लोन नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) बन जाता है, तो बैंक कानूनी नोटिस भेजने, रिकवरी एजेंट भेजने और यहां तक कि संपत्ति कुर्क करने तक की कार्रवाई गारंटर के खिलाफ भी कर सकते हैं। जब तक मुख्य उधारकर्ता पूरा लोन चुकता नहीं कर देता या बैंक किसी नए गारंटर को स्वीकार नहीं कर लेता, तब तक आप इस जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते।

इसलिए, किसी का भी लोन गारंटर बनने से पहले कुछ जरूरी सावधानियां जरूर बरतें। केवल उन्हीं लोगों के गारंटर बनें जिनकी वित्तीय स्थिति मजबूत हो और आप उन पर पूरा भरोसा करते हों। साथ ही, गारंटर्ड लोन की नियमित किस्तों की जानकारी पर नजर रखें। अगर संभव हो, तो गारंटर बनने के बजाय 'लोन इंश्योरेंस' लेने की सलाह दें ताकि किसी अनहोनी या डिफॉल्ट की स्थिति में बीमा कंपनी बैंक का बकाया चुका सके और आपकी वित्तीय साख सुरक्षित रहे।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article