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क्या मेस्सी भी इतिहास में पोस्ट-ग्रेजुएट थे? इतिहास वाले RBI गवर्नर के तंज पर शक्तिकांत दास ने दिया जवाब

  • Written by: रामानुज सिंह
  • Updated Dec 21, 2022, 06:17 PM IST

जब एक शिखर सम्मेलन में शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) को इतिहास वाले रिर्जव बैंक गवर्नर कह कर अर्जेंटीना के फुटबॉल दिग्गज लियोनेल मेसी(Lionel Messi) के प्रतिद्वंद्वी से तुलना की तो उन्होंने चतुराई से जवाब देते हुए कहा कि क्या मेस्सी भी इतिहास में पोस्ट-ग्रेजुएट थे?

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आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने बुधवार को 'इतिहास के सबसे अहम रिर्जव बैंक गवर्नर' करार दिए जाने का करारा जवाब दिया। उनसे सवाल किया गया था कि क्या अर्जेंटीना के फुटबॉल दिग्गज लियोनेल मेसी (Lionel Messi) भी इतिहास में पोस्ट-ग्रेजुएट हैं? बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा आयोजित एक शिखर सम्मेलन में एक उग्र बातचीत की एंकरिंग कर रहे एक इंटरव्यू लेने वाले ने अपनी स्थिति की तुलना कतर में एक फुटबॉल मैदान में मेसी का सामना करने वाले एक प्रतिद्वंद्वी से की। जिसका दास ने चतुराई से जवाब दिया।

दास ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन क्या मेस्सी भी इतिहास में पोस्ट-ग्रेजुएट थे? अक्सर नहीं, लेकिन मुझे कभी-कभी लोगों द्वारा याद दिलाया जाता है कि मुझे इतिहास बनाना चाहिए था। दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में मास्टर डिग्री करने वाले नौकरशाह दास को दिसंबर 2018 में सरकार के साथ मतभेदों के बाद उर्जित पटेल के अचानक बाहर निकलने के बाद आरबीआई गवर्नर बनाया गया था। 28 वर्षों में आरबीआई के पहले गैर-अर्थशास्त्री गवर्नर दास ने हाल ही में गवर्नर के तौर पर चार साल पूरे किए। उन्होंने कोविड महामारी और मुद्रास्फीति की वृद्धि, रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे संकटों का सामना करते हुए आरबीआई जैसे जहाज को पानी में स्थिर रखा।

उनकी नियुक्ति के बाद से कई आलोचक, विशेष रूप से सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना होती रही है कि वे इतिहास से ग्रेजुएट हैं। इस बीच, दास ने फायरसाइड चैट के दौरान नई दिल्ली में अपने छात्र जीवन के बारे में संक्षेप में याद किया। जिसमें उल्लेख किया गया था कि कैसे एक डीटीसी (दिल्ली परिवहन निगम) बस रूट नंबर उन्हें सिस्टम में उधार दर वृद्धि पर जटिल संख्याओं को याद रखने में मदद करता है। दास ने स्वीकार किया कि सिस्टम में 117 बेसिस अंकों (बीपीएस) की उधार दर वृद्धि जैसे नंबरों को याद रखना बहुत मुश्किल है, लेकिन बस रूट नंबर के बारे में कल्पना करने से उन्हें मदद मिली है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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