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EPFO से निकालना है पेंशन फंड तो जान लें ये नए नियम, अकाउंट में नहीं आएंगे पैसे!

अगर आप अपने ईपीएफओ से पेंशन फंड निकालना चाहते हैं तो ये खबर आपके काम की है। रिटायरमेंट की सुरक्षा में सबसे बड़ा सहारा EPFO (Employee Provident Fund Organisation) है। लेकिन हाल ही में EPFO ने Employee Pension Scheme (EPS) में पांच बड़े बदलाव किए हैं, जो लाखों पेंशनधारकों पर डायरेक्ट असर डालेंगे।

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EPFO Pension

EPFO यानी Employee Provident Fund केवल आपकी सेविंग ही नहीं बल्कि आपातकालीन जरूरतों में मदद करने वाला फंड भी है। इसके साथ ही इसमें EPS (Employee Pension Scheme) भी शामिल होता है, जो रिटायरमेंट के बाद पेंशन के रूप में लाभ देता है। अगर आप अपना पेंशन फंड निकालने का सोच रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद काम की हो सकती है। रिटायरमेंट की सुरक्षा में सबसे बड़ा सहारा EPFO (Employee Provident Fund Organisation) है। लेकिन हाल ही में EPFO ने Employee Pension Scheme (EPS) में पांच बड़े बदलाव किए हैं, जो लाखों पेंशनधारकों पर डायरेक्ट असर डालेंगे।

पेंशन के नियमों में क्या हुआ बदलाव

पेंशन कैलकुलेशन का तरीका बदल गया

पहले आपकी पेंशन अंतिम सैलरी के आधार पर तय होती थी। अब यह आपकी पिछले 60 महीनों की औसत सैलरी पर आधारित होगी। इसका फायदा यह है कि अगर आपकी सैलरी धीरे-धीरे बढ़ी है, तो पेंशन पहले से ज्यादा सही और मजबूत मिलेगी। उदाहरण के लिए, अगर आखिरी सैलरी 50,000 थी लेकिन औसत 40,000, तो पहले कम मिलती, अब औसत पर सही पेंशन मिलेगी। यह बदलाव 1 सितंबर 2014 से लागू है, लेकिन हाल ही में इसे और स्पष्ट किया गया।

पेंशन राशि में बढ़ोतरी

EPFO ने पेंशन की अधिकतम राशि को 7,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति माह कर दिया है। इसका मतलब है कि अब आपकी कैलकुलेटेड पेंशन 15,000 रुपये तक पूरी मिलेगी। पहले 7,500 रुपये की सीमा के कारण ज्यादा सैलरी वाले लोगों की पेंशन सीमित रहती थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह संभव हुआ और लाखों रिटायर्ड लोग अब ज्यादा पेंशन की उम्मीद कर सकते हैं।

पेंशन लेने की उम्र में बदलाव

पहले पेंशन लेने की न्यूनतम उम्र 58 साल थी, अब इसे 50 साल कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अगर आप 50 साल के हो गए हैं, तो आप पेंशन लेना शुरू कर सकते हैं। हालांकि, कम उम्र में पेंशन लेने पर राशि थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन यह उन लोगों के लिए राहत है जिन्हें जल्दी पैसे की जरूरत है, जैसे मेडिकल इमरजेंसी।

ऑनलाइन क्लेम प्रोसेसिंग आसान हुई

EPFO ने अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म और मजबूत किया है। अब आप घर बैठे ऐप या वेबसाइट से पेंशन क्लेम जमा कर सकते हैं, डॉक्यूमेंट अपलोड कर सकते हैं और अपने क्लेम की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं। पहले महीनों लग जाते थे, अब यह प्रक्रिया सिर्फ कुछ हफ्तों में पूरी हो जाती है। यह बदलाव कोविड के बाद लागू किया गया।

पेंशन पोर्टेबिलिटी में सुधार

अगर आप अपनी नौकरी बदलते रहते हैं, तो अब आपकी EPS सर्विस सही तरीके से ट्रांसफर हो जाएगी। पुरानी और नई नौकरी की सर्विस जोड़कर पेंशन कैलकुलेट होगी, बिना किसी ब्रेक के। यह खासकर उन युवाओं के लिए फायदेमंद है जो स्टार्टअप्स या फ्रीलांसिंग में काम करते हैं।

इन बदलावों से EPFO अब और यूजर-फ्रेंडली बन गया है। भारत में जहां ज्यादातर लोग प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं, ये कदम रिटायरमेंट को ज्यादा सुरक्षित बनाते हैं। ये सभी बदलाव EPS मेंबर्स के लिए हैं, जिनकी सैलरी 15,000 रुपये तक है। अगर आपकी सैलरी इससे ज्यादा है, तो वॉलंटरी कंट्रीब्यूशन की जानकारी चेक करें। EPFO की वेबसाइट पर लॉगिन करके आप अपने खाते की पूरी जानकारी आसानी से देख सकते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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