बिजनेस

दिवाली पर 18 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी खरीदें या नहीं? जानें सोने के अलावा इनमें क्या होता है मिक्स

दिवाली और धनतेरस के मौके पर सोने की ज्वेलरी खरीदने का क्रेज बढ़ जाता है, लेकिन बढ़ती कीमतों के चलते लोग सोच में पड़ जाते हैं। ऐसे में 18 कैरेट गोल्ड एक स्मार्ट विकल्प बनकर सामने आता है। आइए जानते हैं इसमें सोने के अलावा कौन‑कौन सी धातुएं मिलाई जाती हैं।

Image

Gold

दिवाली और धनतेरस का समय बस आने वाला है, और इस मौके पर घरों की सजावट के साथ-साथ सोने की ज्वेलरी खरीदने का क्रेज भी बढ़ जाता है। हर कोई चाहता है कि त्योहार पर घर में न सिर्फ रोशनी हो, बल्कि सोने-चांदी के गहनों से भी खुशी बढ़े। लेकिन सोने की लगातार आसमान छूती कीमतों के चलते आम आदमी सोना खरीदने से पहले 100 बार सोच रहा है। अगर आप भी दिवाली पर सोना खरीदना चाहते हैं तो आपके सामने 18 कैरेट गोल्ड का एक विकल्प है। 18 कैरेट सोने की ज्वेलरी को भी इस साल खासा पसंद किया जा रहा है। ये प्योर गोल्ड नहीं होता इसमें सोने के अलावा कई और मेटल्स मिले होते हैं। तो आइए आपको बताते हैं कि 18K गोल्ड में और क्या क्या मिक्स होता है?

18 कैरेट सोना क्यों पसंद किया जाता है?

आजकल सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। 24 कैरेट सोने का भाव अब 1 लाख 30 हजार रुपये के पार जा चुका है। ऐसे में 18 कैरेट सोना खरीदना एक स्मार्ट विकल्प बन गया है। यह खासकर हीरे और रत्नों वाली ज्वेलरी के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।

18 कैरेट सोना लगभग 75% शुद्ध होता है, और इसमें 25% तांबा, चांदी और जिंक जैसी धातुएं मिलाई जाती हैं। ये धातुएं सोने को मजबूत बनाती हैं ताकि ज्वेलरी लंबे समय तक टिकाऊ रहे। 24 कैरेट सोना 100% शुद्ध होता है और बहुत नरम होने के कारण ज्वेलरी बनाने में मुश्किल होती है।

धातुओं के मिश्रण से सोने का रंग और बनावट बदलती है। तांबा मिलाने से सोने में ‘रोज गोल्ड’ जैसी लालिमा आती है, चांदी मिलाने से हल्का रंग और चमक बढ़ती है, और जिंक से सोना और मजबूत बनता है। यही कारण है कि 18 कैरेट सोना हर तरह की ज्वेलरी के लिए परफेक्ट विकल्प है।

हॉलमार्किंग से होती है पहचान

आजकल हॉलमार्किंग अनिवार्य है। इसका मतलब है कि खरीदारों को सोने की शुद्धता और गुणवत्ता का भरोसा मिलता है। BIS हॉलमार्क होने से यह सुनिश्चित होता है कि ज्वेलरी सही कैरेट की है और उसमें किसी तरह की मिलावट नहीं हुई है।

ये सामान मिलता है 18K में

18 कैरेट सोने से झुमके, हार, कंगन, अंगूठियां और जड़ाऊ गहने बनवाए जा सकते हैं। यह रोजमर्रा के उपयोग के लिए भी मजबूत होता है। हीरे या रत्नों के साथ इसे और खूबसूरत बनाया जा सकता है। 24 कैरेट सोने की तुलना में यह किफायती होने के बावजूद चमक और सुंदरता में किसी से कम नहीं है।

जहां पारंपरिक रूप से 22 कैरेट सोना ज्यादा खरीदा जाता है, वहीं शहरी खरीदारों में 18 कैरेट डिज़ाइन अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। यह मजबूत और किफायती होने के कारण ज्वेलरी को सजावट और निवेश दोनों के लिए स्मार्ट विकल्प बनाता है। धनतेरस और दिवाली पर अगर आप सोने की ज्वेलरी खरीदने का सोच रहे हैं, तो 18 कैरेट सोना एक परफेक्ट और स्मार्ट चॉइस साबित हो सकता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article