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Post Office का कमाल! हर महीने घर बैठे पाएं ₹9,000 की 'सैलरी'; जानें इस सुपरहिट सरकारी स्कीम में निवेश का पूरा गणित

क्या आप किसी ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं जहां आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहे और आपको हर महीने एक तय इनकम भी मिलती रहे? अगर हां तो पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (POMIS) आपके लिए एक शानदार विकल्प है। इसे अक्सर 'बिना काम वाली सैलरी' भी कहा जाता है क्योंकि एक बार पैसा जमा करने के बाद अगले 5 सालों तक आपको हर महीने ब्याज के रूप में फिक्स कमाई होती रहती है।

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POMIS

पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो जोखिम नहीं लेना चाहते और अपने रिटायरमेंट या खाली फंड का सही इस्तेमाल करना चाहते हैं। इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपका मूलधन (Principal Amount) पूरी तरह सुरक्षित रहता है और सरकार आपको उस पर हर महीने ब्याज का भुगतान करती है। वर्तमान नियमों के अनुसार, इस योजना की अवधि 5 साल की है। यानी एक बार पैसा लगाने के बाद 60 महीनों तक आपकी कमाई पक्की हो जाती है।

₹9,000 महीना पाने के लिए कितना करना होगा निवेश?

इस स्कीम के तहत आप सिंगल अकाउंट या जॉइंट अकाउंट (दो या तीन व्यक्ति मिलकर) खोल सकते हैं। ₹9,000 की मासिक आय का गणित जॉइंट अकाउंट पर आधारित है। सरकार ने जॉइंट अकाउंट में निवेश की अधिकतम सीमा ₹15 लाख तय की है। यदि आप और आपके पार्टनर मिलकर इस स्कीम में ₹15 लाख जमा करते हैं, तो वर्तमान ब्याज दर (जो कि 7.4% है) के हिसाब से आपको सालाना ₹1,11,000 का ब्याज मिलता है। जब आप इस राशि को 12 महीनों में बांटते हैं, तो यह ठीक ₹9,250 प्रति माह बैठती है।

सिंगल अकाउंट वालों के लिए क्या हैं नियम?

अगर आप अकेले खाता खोलना चाहते हैं, तो आप अधिकतम ₹9 लाख का निवेश कर सकते हैं। ₹9 लाख जमा करने पर आपको 7.4% की दर से सालाना ₹66,600 का ब्याज मिलेगा, जो महीने के हिसाब से ₹5,550 होगा। यह उन लोगों के लिए बहुत अच्छी स्कीम है जो अपनी बचत को बैंक में बेकार छोड़ने के बजाय उससे घर का छोटा-मोटा खर्च या बिजली-पानी का बिल निकालना चाहते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि 5 साल खत्म होने के बाद, आप अपनी पूरी जमा राशि (₹9 लाख या ₹15 लाख) वापस निकाल सकते हैं या स्कीम को आगे बढ़ा सकते हैं।

कौन खोल सकता है यह खाता?

पोस्ट ऑफिस एमआईएस खाता कोई भी भारतीय नागरिक खोल सकता है। इसमें 10 साल से ऊपर के बच्चों के नाम पर भी खाता खोला जा सकता है, जिसकी देखरेख अभिभावक करते हैं। आप किसी भी नजदीकी डाकघर में जाकर बहुत कम कागजी कार्रवाई के साथ यह अकाउंट शुरू कर सकते हैं। बस ध्यान रहे कि इस स्कीम में मिलने वाले ब्याज पर आपको अपने स्लैब के हिसाब से टैक्स देना पड़ सकता है, हालांकि निवेश की गई राशि पर कोई टीडीएस (TDS) नहीं कटता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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