बिजनेस

ग्रीन कार्ड नियमों पर ट्रंप सरकार का बड़ा यू-टर्न! प्रवासियों की हुई बल्ले-बल्ले, जानें भारतीयों को कैसे होगा बंपर फायदा

अमेरिका में रह रहे विदेशी प्रवासियों और वहां बसने का सपना देखने वाले लाखों भारतीयों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है।

Image

Green Card

पिछले कुछ दिनों से अमेरिका में रह रहे विदेशी प्रवासियों के बीच ग्रीन कार्ड (स्थायी निवास) के नियमों को लेकर एक गहरा डर और असमंजस का माहौल बना हुआ था। सोशल मीडिया और विभिन्न चर्चाओं में यह बात तेजी से फैल रही थी कि जो लोग ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर रहे हैं, उनमें से ज्यादातर लोगों को अपनी प्रक्रिया पूरी होने तक अमेरिका छोड़कर वापस अपने देश लौटना होगा। इस खबर के सामने आने के बाद प्रवासियों और उनके परिवारों की चिंताएं बहुत ज्यादा बढ़ गई थीं, क्योंकि अचानक देश छोड़ने का सीधा असर उनकी नौकरी, बच्चों की पढ़ाई और उनके पूरे जीवन पर पड़ता। लेकिन अब, अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने इस पूरे मामले पर एक बड़ा और आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करके सभी आशंकाओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

आखिर क्या था यह पूरा विवाद?

इस पूरे विवाद की शुरुआत अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) द्वारा पिछले सप्ताह जारी की गई एक घोषणा से हुई थी। इस घोषणा की भाषा और तकनीकी शब्दों को देखकर लोगों के बीच यह संदेश चला गया कि ग्रीन कार्ड के आवेदनकर्ताओं को सामान्य तौर पर अमेरिका में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। लोगों को लगा कि अब नियम इतने सख्त हो गए हैं कि आवेदकों को अपने गृह देश (जैसे भारत या अन्य देश) में जाकर ही ग्रीन कार्ड के फैसले का इंतजार करना होगा, और केवल कुछ बेहद खास या 'असाधारण' परिस्थितियों में ही उन्हें अमेरिका के भीतर रुकने की छूट मिलेगी। इस घोषणा के बाद से ही आव्रजन (इमिग्रेशन) अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों और प्रवासी समुदायों ने सरकार के सामने अपनी गंभीर चिंताएं जाहिर करना शुरू कर दिया था।

सरकार (DHS) ने सफाई में क्या कहा?

बढ़ते विवाद और प्रवासियों के डर को देखते हुए अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने सामने आकर स्थिति को साफ किया। विभाग ने शुक्रवार को साफ-साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका की आव्रजन नीति में ऐसा कोई भी बड़ा या व्यापक बदलाव नहीं किया गया है। DHS ने समझाया कि प्रवासियों को संभालने वाले अधिकारियों के पास यह अधिकार हमेशा से रहा है कि वे हर एक आवेदन की जांच उसके व्यक्तिगत आधार पर करें। अधिकारी ही यह तय करते हैं कि किस व्यक्ति को अमेरिका के भीतर रहकर प्रक्रिया पूरी करने देनी है और किसे विदेश से। सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक, हालिया दिशा-निर्देश किसी नए नियम को लागू करने के लिए नहीं थे, बल्कि वे केवल अधिकारियों को उनकी पहले से मौजूद शक्तियों और नियमों की याद दिलाने के लिए जारी किए गए थे।

ज्यादातर आवेदकों पर इसका कोई असर नहीं होगा

अमेरिकी सरकार ने प्रवासियों को भरोसा दिलाते हुए इस बात पर विशेष जोर दिया है कि स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) की इच्छा रखने वाले अधिकांश लोगों को पहले की तरह ही आवेदन की समीक्षा के दौरान अमेरिका में रहने की पूरी अनुमति मिलती रहेगी। यानी बहुत बड़ी संख्या में आवेदकों को जबरन देश छोड़ने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होगी। हालांकि, अधिकारियों ने यह संकेत जरूर दिया है कि जिन लोगों ने वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से रुकने (ओवरस्टे) की गलती की है या किसी अन्य आव्रजन नियम का उल्लंघन किया है, उनके व्यक्तिगत मामलों पर इसका असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों के मन में अब भी हैं कुछ सवाल

भले ही सरकार के इस स्पष्टीकरण से लाखों प्रवासियों ने राहत की सांस ली है, लेकिन आव्रजन विशेषज्ञों का मानना है कि अभी भी कुछ चीजें पूरी तरह साफ नहीं हैं। सरकार ने अभी तक यह खुलकर या विस्तार से नहीं बताया है कि वे कौन सी विशेष परिस्थितियां होंगी जिनमें किसी व्यक्ति को ग्रीन कार्ड प्रक्रिया के दौरान अमेरिका छोड़ने के लिए मजबूर किया जा सकता है। यही वजह है कि इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स अब भी अमेरिकी सरकार से अधिक स्पष्ट और पारदर्शी दिशा-निर्देशों की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसा कोई भ्रम दोबारा पैदा न हो।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article