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कमाल! सिर्फ 1 साल में यूनिकॉर्न बनी यह कंपनी, 1252 करोड़ की फंडिंग से मचाया धमाल

एआई स्टार्टअप इमर्जेंट ने 13 करोड़ डॉलर (करीब 1252 करोड़ रुपये) की नई फंडिंग जुटाकर 1.5 अरब डॉलर का मूल्यांकन हासिल किया। कंपनी महज एक साल में यूनिकॉर्न बन गई।

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बिना कोडिंग के सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी इमर्जेंट का मूल्यांकन 1.5 अरब डॉलर पहुंचा, भारत में हैं 95% कर्मचारी

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रही स्टार्टअप कंपनी इमर्जेंट (Emergent Startup) ने महज एक साल के भीतर बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। कंपनी ने नए निवेश दौर में 13 करोड़ डॉलर (करीब 1252 करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटाई है। इस निवेश के बाद कंपनी का कुल मूल्यांकन 1.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसके साथ ही इमर्जेंट अब यूनिकॉर्न कंपनी बन गई है। यूनिकॉर्न (Unicorn) उस स्टार्टअप को कहा जाता है जिसका मूल्यांकन 1 अरब डॉलर या उससे अधिक हो।

क्रिएजिस की अगुवाई में मिला निवेश

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक कंपनी को यह निवेश क्रिएजिस (Creagis) की अगुवाई में मिला है। इस फंडिंग राउंड में एमएनआई वेंचर्स (क्लेपॉन्ड कैपिटल) और सेंटिनल ग्लोबल ने भी सह-निवेशक के रूप में हिस्सा लिया। इसके अलावा खोसला वेंचर्स, सॉफ्टबैंक विजन फंड-2, लाइटस्पीड और वाई कॉम्बिनेटर जैसे बड़े निवेशकों ने भी कंपनी पर भरोसा जताया है। इस नए निवेश के बाद इमर्जेंट अब तक कुल 23 करोड़ डॉलर की पूंजी जुटा चुकी है।

चार महीने में 5 गुना बढ़ा मूल्यांकन

इमर्जेंट की सबसे खास बात यह है कि कंपनी का मूल्यांकन बहुत कम समय में तेजी से बढ़ा है। जनवरी में हुए सीरीज-बी निवेश दौर के दौरान कंपनी का मूल्यांकन करीब 30 करोड़ डॉलर था। उस समय कंपनी ने 7 करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटाई थी। लेकिन सिर्फ चार महीनों के भीतर कंपनी का मूल्यांकन बढ़कर 1.5 अरब डॉलर हो गया, यानी इसमें करीब पांच गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बिना कोडिंग के बना सकते हैं सॉफ्टवेयर

इमर्जेंट की शुरुआत 2025 के मध्य में हुई थी। कंपनी ऐसा AI प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती है जिसकी मदद से कोई भी व्यक्ति बिना कोडिंग सीखे सॉफ्टवेयर तैयार कर सकता है। इसके जरिए उद्यमी, छोटे और मझोले कारोबार (SMEs) तथा गैर-तकनीकी उपयोगकर्ता आसानी से CRM, ERP और अन्य बिजनेस एप्लिकेशन बना सकते हैं। इससे कंपनियों का समय और लागत दोनों कम होती है और सॉफ्टवेयर तैयार करना पहले की तुलना में काफी आसान हो जाता है।

भारत में हैं 95 फीसदी कर्मचारी

इमर्जेंट का मुख्यालय सैन फ्रांसिस्को में है, लेकिन कंपनी का बड़ा परिचालन भारत से चलता है। कंपनी के करीब 200 कर्मचारियों में से लगभग 95 प्रतिशत भारत में कार्यरत हैं। इससे साफ है कि कंपनी अपने तकनीकी विकास और इंजीनियरिंग कार्यों के लिए भारत की प्रतिभा पर काफी भरोसा कर रही है।

तकनीकी टीम होगी दोगुनी

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक कंपनी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मुकुंद झा ने कहा कि नए निवेश का इस्तेमाल कंपनी के विस्तार और नई तकनीकों के विकास में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगले छह से आठ महीनों में कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी टीम का आकार दोगुना करने की योजना बना रही है। इससे नए उत्पादों के विकास और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी।

लाखों लोग कर रहे हैं प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल

इमर्जेंट ने बताया कि उसके AI प्लेटफॉर्म पर अब तक 1.2 करोड़ से अधिक एप्लिकेशन तैयार किए जा चुके हैं। इनमें से एक लाख से ज्यादा एप्लिकेशन ऐसे हैं जिनका रोजाना वास्तविक कारोबार में इस्तेमाल किया जा रहा है। यह आंकड़ा दिखाता है कि कंपनी का प्लेटफॉर्म तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और विभिन्न क्षेत्रों के व्यवसाय इसे अपनाकर अपने काम को आसान बना रहे हैं।

AI सेक्टर में बढ़ी भारत की ताकत

इमर्जेंट की यह सफलता सिर्फ कंपनी के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते AI इकोसिस्टम के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। एक साल के भीतर यूनिकॉर्न बनने और अरबों डॉलर के मूल्यांकन तक पहुंचने से यह साफ संकेत मिलता है कि AI आधारित समाधान देने वाली कंपनियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। आने वाले समय में इमर्जेंट के विस्तार और नई तकनीकों के साथ इस क्षेत्र में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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