Gold Prices : अमेरिकी सरकार की नई आर्थिक रणनीतियों और बढ़ते कर्ज के बीच वैश्विक वित्तीय बाजारों में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। दिग्गज ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) की एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी वित्त मंत्रालय (US Treasury) अपने लॉन्ग टर्म कर्ज की लागत यानी बॉन्ड यील्ड को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। सरकार के इन कदमों से अमेरिकी डॉलर के अवमूल्यन और महंगाई दर (Inflation) को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। ऐसी स्थिति में निवेशकों का रुझान सोने और गोल्ड-माइनिंग कंपनियों के शेयरों की तरफ तेजी से बढ़ सकता है, जिससे इनमें लंबी अवधि में मजबूती बने रहने की संभावना है।
ट्रेजरी यील्ड को नियंत्रित करने की अमेरिकी रणनीति
वित्तीय बाजारों के लिए अमेरिकी वित्त मंत्रालय की रणनीति बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिए हैं कि सरकार लंबे समय की मैच्योरिटी वाले सरकारी बॉन्ड्स को वापस खरीदने (Bond Buybacks) का दायरा बढ़ा सकती है। इसके अलावा सरकार बॉन्ड खरीदने के लिए 'ट्रेजरी जनरल अकाउंट' (TGA) में जमा धन का इस्तेमाल भी कर सकती है। वर्तमान में 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.77 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है, जिसे बेसेंट द्वारा तय की गई 4.75 प्रतिशत की अनौपचारिक सीमा के बेहद करीब माना जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य अपनी कर्ज चुकाने की लागत को सीमा में रखना है।
डॉलर और फिक्स्ड-इनकम मार्केट पर असर
जेफरीज का मानना है कि लंबे समय की ब्याज दरों को जबरन नियंत्रित करने की इस नीति के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। अगर सरकार बाजार की शक्तियों के बजाय नीतियों के जरिए यील्ड को दबाने की कोशिश करती है, तो इससे अमेरिकी डॉलर की क्रय शक्ति कमजोर हो सकती है और महंगाई बढ़ सकती है। इससे निवेशकों में यह संदेश जा सकता है कि सरकार का प्राथमिक ध्यान अर्थव्यवस्था से ज्यादा अपने कर्ज के खर्च को कम करने पर है। इसी वजह से लंबी अवधि वाले अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड्स के स्ट्रक्चरल बेयर मार्केट (मंदी के दौर) में रहने की संभावना जताई गई है।
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लगातार बनी हुई है महंगाई की चुनौती
रिपोर्ट में अमेरिका में जारी महंगाई दर के दबाव पर भी प्रकाश डाला गया है। अमेरिका में हेडलाइन सीपीआई (CPI) और कोर पीसीई (PCE) महंगाई दर पिछले 65 महीनों से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। इसके साथ ही पिछले 12 तिमाहियों में अमेरिका की nominal GDP वृद्धि दर औसतन 5.7 प्रतिशत की गति से बढ़ी है, जो कि 2019 से पहले के तीन वर्षों के 4.7 प्रतिशत के औसत से अधिक है। 11 सितंबर को आने वाले नए सीपीआई आंकड़े फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों के लिए बेहद निर्णायक साबित होंगे।
टेक कंपनियों की ओर से भारी बॉन्ड जारी
सरकारी कर्ज के अलावा,प्राइवेट सेक्टर की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों (Hyperscalers) द्वारा भी बॉन्ड बाजार से भारी कर्ज उठाया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार इन कंपनियों ने वर्ष 2026 में अब तक 223 अरब डॉलर के कॉर्पोरेट बॉन्ड जारी किए हैं, जो कि वर्ष 2025 में जुटाए गए 108 अरब डॉलर से दोगुने से भी अधिक हैं। निजी कंपनियों द्वारा इतने बड़े पैमाने पर कर्ज लेने से लंबी अवधि के फंड्स के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है, जिससे ट्रेजरी मार्केट पर दबाव और गहरा गया है।
सुरक्षित निवेश के रूप में सोने का बढ़ता आकर्षण
डॉलर में गिरावट की आशंका, लगातार बनी हुई महंगाई और बॉन्ड मार्केट में अनिश्चितता के कारण सोना एक मजबूत और सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में उभर रहा है। जब सरकारी नीतियों के कारण ट्रेजरी यील्ड प्रभावित होती है, तो निवेशक पारंपरिक बॉन्ड्स के बजाय कीमती धातुओं को प्राथमिकता देते हैं। जेफरीज के अनुसार मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले समय में सोने और गोल्ड-माइनिंग सेक्टर के शेयरों में निवेश की मांग में मजबूत बढ़त जारी रहने के स्पष्ट संकेत हैं।
