अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि अमेरिका आयातित वस्तुओं पर कम से कम 10 प्रतिशत का बेसलाइन टैरिफ लगाएगा। यह निर्णय अमेरिकी व्यापार नीति को मज़बूत करने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ विशेष देशों को इस टैरिफ से आंशिक या पूर्ण छूट मिल सकती है। जैसे कि दक्षिण कोरिया सहित कुछ देश अमेरिका से शुल्कों में राहत की मांग कर रहे हैं।
'शून्य टैरिफ' देशों पर भी लागू होगी न्यूनतम दर
एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि भले ही कोई देश अमेरिकी उत्पादों पर शून्य टैरिफ लागू करे, अमेरिका फिर भी 10% बेसलाइन टैरिफ लागू करेगा, जब तक कि वह देश अमेरिका के लिए 'असाधारण' कदम नहीं उठाता।
कुछ टैरिफ 60% तक भी हो सकते हैं
ट्रंप ने आगे कहा कि यह 10 प्रतिशत सिर्फ न्यूनतम दर है — कुछ मामलों में टैरिफ 40%, 50% या 60% तक भी बढ़ सकते हैं। उनका कहना था कि यह उसी तरह का रवैया है जैसा वर्षों से अन्य देश अमेरिका के साथ करते आए हैं।
नई व्यापार डील्स जल्द हो सकती हैं घोषित
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका कई देशों के साथ व्यापार समझौतों पर काम कर रहा है, जो जल्द ही सार्वजनिक किए जाएंगे। हालांकि उन्होंने इन देशों के नाम नहीं बताए।
दक्षिण कोरिया को फिलहाल राहत
बेसलाइन टैरिफ 5 अप्रैल से प्रभावी हो चुका है, लेकिन दक्षिण कोरिया पर 25% शुल्क को 8 जुलाई तक टाल दिया गया है ताकि द्विपक्षीय वार्ता को मौका दिया जा सके।
इस बीच, अमेरिका ने चीन और रूस के बीच बढ़ते सहयोग पर चिंता जताई है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि यह साझेदारी अमेरिका और अन्य देशों की सुरक्षा को कमजोर कर सकती है, खासकर उत्तर कोरिया पर जारी संयुक्त बयान के संदर्भ में।
