UPI Charge from 1st April,UPI Charges over 2000rs:UPI पेमेंट को लेकर नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के एक सर्कुलर ने बुधवार सुबह (29 मार्च) यूजर्स में कंफ्यूजन पैदा कर दिया । उसके द्वारा जारी निर्देश के अनुसार एक अप्रैल से PPI के जरिए UPI से होने वाले मर्चेंट पेमेंट पर इंटरचेंज चार्ज कंपनियां लगा सकती है। यह चार्ज 2000 रुपये से ज्यादा के लेन-देन पर लिया जाएगा।
लेकिन इस निर्देश ने यूजर्स में कंफ्यूजन पैदा कर दिया और ऐसा लगा कि अब सभी यूजर को यूपीआई पेमेंट पर चार्ज देना होगा। मामला इतना तूल पकड़ता गया कि NPCI ने बकायदा प्रेस रिलीज जारी कर स्पष्टीकरण जारी किया। और इसके कुछ समय बाद पेटीएम फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने कंफ्यूजन दूर करने की कोशिश की।
NPCI और पेटीएम ने क्या कहा
NPCI ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा है कि इंटरचेंज चार्ज केवल PPI मर्चेंट ट्रंजैक्शन पर लागू होंगे। इसमें आम यूजर से किसी तरह का चार्ज नहीं लिया जाएगा। साथ ही बैंक अकाउंट से बैंक अकाउंट में होने वाला यूपीआई पेमेंट पूरी तरह फ्री है। उसके अनुसार 99.9 फीसदी ट्रांजैक्शन यूपीआई आधारित ऐप से होते हैं। जिसमें यूजर का बैंक अकाउंट लिंक होता है। और उसके जरिए पेमेंट होते हैं। यह ट्रांजैक्शन आम यूजर के लिए पूरी तरह फ्री है।
इसी तरह पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने ट्ववीट कर बताया है कि बैंक अकाउंट या वॉलेट से UPI पेमेंट्स करना पूरी तरह से फ्री है। ग्राहकों के लिए UPI से पेमेंट करने का चार्ज कुछ भी नहीं है। शर्मा ने लोगों को किसी भी तरह के अफवाह से बचने की सलाह दी है।
अब जानें किसे देना होगा पैसा
असल में NPCI ने इंटरचेंज चार्ज लगाने की जो सिफारिश की है, वह केवल मर्चेंट पेमेंट के लिए है। यानी आम यूजर को दूसरे व्यक्ति को पैसा भेजने या फिर दुकानदार को पेमेंट करने पर कोई चार्ज नहीं देना होगा। सर्कुलर में NPCI ने प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट यानि PPI से होने वाले 2000 रुपये से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर इंटरचेंज चार्ज लगाने को कहा है। ये चार्ज 0.5-1.1 फीसदी तक लगाया जा सकता है।
असल में NPCI ने अलग-अलग क्षेत्र के लिए अलग-अलग इंटरचेंज फीस तय की है। जिसमें कृषि और टेलीकॉम सेक्टर में सबसे कम इंटरचेंज फीस ली जाती है। इंटरचेज फीस मर्चेंट ट्रांजैक्शंस यानी मर्चेंट टू मर्चेंट पेमेंट करने वाले यूजर्स को ही देना पड़ता है।
