उत्तर प्रदेश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। योगी सरकार ने जून महीने के मुफ्त राशन वितरण (Free Ration Distribution) की आधिकारिक तारीखों का ऐलान कर दिया है। खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा जारी नए आदेश के मुताबिक, राज्य में जून माह के कोटे का राशन तय समय से पहले यानी 25 मई से ही बांटना शुरू कर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि गर्मी के इस मौसम में सभी गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक समय से खाद्यान्न पहुँचाया जा सके। यह वितरण अभियान 25 मई से शुरू होकर आगामी 10 जून तक लगातार जारी रहेगा। इस बार राशन बांटने के समय में भी बदलाव किया गया है, ताकि चिलचिलाती धूप और गर्मी के कारण आम जनता को कोटे की दुकानों पर लंबी लाइनों में परेशान न होना पड़े।
कितने बजे से शुरू होगा राशन बंटना?
सरकारी आदेश के अनुसार, राशन दुकानों को सुबह जल्दी खोलने और देर रात तक संचालित करने का निर्णय लिया गया है। अब राज्य भर में राशन का वितरण सुबह 6:00 बजे से ही शुरू हो जाएगा और रात 9:00 बजे तक निर्बाध रूप से चलेगा। इस नई समय सारिणी से सबसे बड़ा फायदा मजदूर वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को होगा, जो दिनभर काम करने के बाद भी सुबह जल्दी या देर शाम को आसानी से अपना मुफ्त अनाज ले सकेंगे। उत्तर प्रदेश में इस समय लगभग 3.62 करोड़ राशन कार्ड धारक मौजूद हैं, जिनसे करीब 14.68 करोड़ लाभार्थी सीधे जुड़े हुए हैं। सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस पूरी अवधि में राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी रखा जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति अपने हक के अनाज से वंचित न रह जाए।
किसको मिलेगा फ्री राशन?
इस बार भी राशन का वितरण कार्ड की श्रेणियों के आधार पर तय नियमों के तहत किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के लगभग 40.82 लाख 'अंत्योदय कार्ड धारकों' (जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सबसे गरीब परिवार हैं) को प्रति परिवार कुल 35 किलोग्राम मुफ्त राशन दिया जाएगा। इस 35 किलो राशन के गणित में 14 किलोग्राम गेहूं और 21 किलोग्राम चावल शामिल है। वहीं दूसरी तरफ, राज्य के 3.20 करोड़ से अधिक 'पात्र गृहस्थी कार्ड धारक' परिवारों को प्रति यूनिट (परिवार के प्रति सदस्य) के हिसाब से कुल 5 किलोग्राम मुफ्त राशन दिया जाएगा। इस 5 किलो की पात्रता में हर सदस्य के नाम पर दो किलोग्राम गेहूं और तीन किलोग्राम चावल बिल्कुल मुफ्त मुहैया कराया जाएगा।
राशन वितरण के दौरान होने वाली घटतौली (कम राशन तोलना) और धांधली को रोकने के लिए विभाग ने तकनीक का सहारा लिया है। सभी कोटेदारों को इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन से लिंक्ड ई-पॉश (e-PoS) मशीनों के माध्यम से ही अंगूठा लगवाकर राशन बांटने को कहा गया है। इसके अलावा, इस बार फिंगरप्रिंट न आने की स्थिति के लिए आईरिस (आँख) स्कैनर को भी अनिवार्य रूप से क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने हर कोटेदार के लिए कम से कम 10 लाभार्थियों का आईरिस स्कैनर द्वारा बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करना जरूरी कर दिया है। इसके साथ ही, पूरे राज्य में 'वन नेशन वन राशन कार्ड' योजना के तहत पोर्टेबिलिटी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, जिसका मतलब है कि कार्डधारक अपने क्षेत्र की किसी भी राशन दुकान से अनाज ले सकते हैं।
