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सर्विस चार्ज पर भड़के केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, खुद बने शिकार; कहा-उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी खुद रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज वसूले जाने के शिकार बन गए। इसके बाद उन्होंने कहा कि कोई भी रेस्टोरेंट ग्राहकों से जबरन सर्विस चार्ज वसूलेगा, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा सर्विस चार्ज की वसूली अवैध (इमेज क्रेडिट : x/@JoshiPralhad)

रेस्टोरेंट की तरफ से सर्विस चार्ज की वसूली बेहद आम है। जबकि, यह पूरी तरह से ग्राहकों की मर्जी पर निर्भर करता है। इस मामले में उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री

प्रल्हाद जोशी (Pralhad Joshi) ने साफ कहा है कि ग्राहकों से जबरन सर्विस चार्ज वसूलने वाले रेस्टोरेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने अधिकारियों को इस तरह के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि कई रेस्टोरेंट अब भी ग्राहकों के बिल में अपने आप सर्विस चार्ज जोड़ रहे हैं, जबकि यह कानून के अनुरूप नहीं है।

खुद मंत्री बने शिकार

ET की रिपोर्ट के मुताबिक खुद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी जबरन सर्विस चार्ज वसूली के शिकार बन गए। उन्होंने बताया कि हाल ही में बेंगलुरु के एक रेस्टोरेंट में उनके साथ भी ऐसा हुआ। बिल में सर्विस चार्ज जोड़ दिया गया था। जब उनके साथ मौजूद लोगों ने इस पर सवाल उठाया तो रेस्टोरेंट ने वह शुल्क हटा दिया और माफी भी मांगी।

उन्होंने रेस्टोरेंट संचालकों से कहा कि अगर उनके बिलिंग सॉफ्टवेयर में सर्विस चार्ज या इसी तरह का कोई शुल्क अपने आप जुड़ रहा है, तो उसे तुरंत बदलें।

41 रेस्टोरेंट के खिलाफ शुरू हुई कार्रवाई

मंत्री का बयान ऐसे समय आया है जब केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने देशभर के 41 रेस्टोरेंट के खिलाफ सर्विस चार्ज वसूलने के मामले में कार्रवाई शुरू की है। सीसीपीए ने Chaayos (Sunshine Teahouse) पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है और शिकायतकर्ता से वसूला गया सर्विस चार्ज लौटाने का भी आदेश दिया है। इसके अलावा जिन प्रतिष्ठानों के खिलाफ आदेश जारी किए गए हैं, उनमें Cafe Blue Bottle (पटना), China Gate Restaurant, Fiesta Barbeque Nation, FOO Ahmedabad Restaurant, L'Opéra French Bakery, Zorro और The Luxury Night Club समेत कई अन्य शामिल हैं।

क्या कहता है कानून?

प्रल्हाद जोशी ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(47) के तहत ग्राहकों से अनिवार्य रूप से सर्विस चार्ज वसूलना अनुचित व्यापारिक व्यवहार (Unfair Trade Practice) माना जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राहक अपनी इच्छा से टिप (Tip) देना चाहें तो दे सकते हैं, लेकिन रेस्टोरेंट किसी भी स्थिति में उसे अनिवार्य शुल्क के रूप में बिल में नहीं जोड़ सकते।

दिल्ली हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखे दिशा-निर्देश

मंत्री ने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने भी CCPA के उन दिशा-निर्देशों को वैध माना है, जिनमें होटल और रेस्टोरेंट को ग्राहकों के बिल में अपने आप सर्विस चार्ज जोड़ने से रोका गया है। अदालत ने इस मामले में उपभोक्ता प्राधिकरण की शक्तियों को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दी थीं।

अगर बिल में सर्विस चार्ज जुड़ जाए तो क्या करें?

अगर किसी रेस्टोरेंट ने आपकी अनुमति के बिना बिल में सर्विस चार्ज जोड़ दिया है, तो आप पहले रेस्टोरेंट से इसे हटाने की मांग करें। अगर रेस्टोरेंट मना करता है, तो राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (1915) पर शिकायत दर्ज करें। ईमेल के माध्यम से भी उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को बिल और अन्य दस्तावेजों के साथ शिकायत भेज सकते हैं।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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