Unicommerce IPO: ई-कॉमर्स पर केंद्रित सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) फर्म यूनिकॉमर्स ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के जरिये कोष जुटाने के लिए बाजार नियामक सेबी (SEBI) के समक्ष शुरुआती दस्तावेज जमा कराए हैं। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष दाखिल मसौदा दस्तावेजों के मुताबिक, यह निर्गम पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) होगा जिसमें शेयरधारकों के पास मौजूद कुल 2.98 करोड़ इक्विटी शेयर शामिल होंगे। इस आईपीओ में फ्रेश इश्यू नहीं हैं। ओला इलेक्ट्रिक, फर्स्टक्राई और मोबिक्विक के बाद यूनिकॉमर्स ने आईपीओ के लिए सेबी के साथ एक ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दायर किया है।
ओएफएस के तहत जापान के सॉफ्टबैंक की सहयोगी कंपनी एसबी इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स (यूके) लिमिटेड 1.61 करोड़ शेयर बेचेगी। इसके अलावा फाउंडर ऐसवेक्टर लिमिटेड (पूर्व में स्नैपडील लिमिटेड) 1.14 करोड़ शेयर बेचेगी और बी2 कैपिटल पार्टनर्स 22 लाख शेयरों की बिक्री करेगी। आईपीओ के पूरी तरह से ओएफएस आधारित होने से इससे होने वाली पूरी आय विक्रेता शेयरधारकों को जाएगी और कंपनी को कुछ नहीं मिलेगा।
कंपनी का प्रॉफिट
वित्त वर्ष 2023 में यूनिकॉमर्स का रेवेन्यू लगभग 53 प्रतिशत बढ़कर 90 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का प्रॉफिट 8 प्रतिशत बढ़कर 6 करोड़ रुपये था। कंपनी को चालू वित्त वर्ष में 120-150 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल करने की उम्मीद है। इस कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की तुलना में अपने मुक्त नकदी प्रवाह (एफसीएफ) में 86 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी।
कब शुरू हुई थी कंपनी
गुरुग्राम की इस कंपनी की 2012 में हुई थी। साल 2015 में यूनिकॉमर्स को स्नैपडील ने अधिकृत किया। यह कंपनी D2C ब्रांडों, रिटेल कंपनियों और अन्य ऑनलाइन सेलर के लिए ई-कॉमर्स संचालन के एंड-टू-एंड का मैनेजमेंट करती है। इस कंपनी के क्लाइंट फैशन, एफएमसीजी, फुटवियर, ब्यूटी, पर्सनल केयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा एंड मेडिकल, होम, किचन एंड सर्विस, हाउस ऑफ ब्रांड, लॉजिस्टिक एंड इंटरनेशनल सेगमेंट वाले हैं।
