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RBI के नए नियम से पहले समझें क्या होता है Credit Card Billing Cycle और Due Date

अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो आपको क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट को समझना जरूरी है। इसमें बिलिंग साइकल से लेकर मिनिमम अमाउंट ड्यू जैसे टर्म्स आती हैं।

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Credit Card (Photo: iStock)

केंद्रीय बैंक आरबीआई (RBI) की ओर से क्रेडिट कार्ड यूजर्स (Credit Card) को एक बड़ी राहत दी जा रही है। अब क्रेडिट कार्ड यूजर्स से ड्यू डेट मिस होने पर तुरंत लेट फी नहीं ली जाएगी। इसके लिए कार्ड होल्डर्स को 3 दिन का ग्रेस पीरियड मिलेगा। हालांकि, नए नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे। आप भी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो आपको इस नियम से पहले क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट को समझना चाहिए। क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट के कई कंपोनेंट्स होते हैं, जिसमें बिलिंग साइकल से लेकर मिनिमम अमाउंट ड्यू को समझना जरूरी है-

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Credit Card (Photo: iStock)

बिलिंग साइकिल (Billing Cycle)

सबसे पहले यही समझें कि क्रेडिट कार्ड का बिलिंग साइकिल क्या होता है। दरअसल, यह 28 से 31 दिनों का वह समय होता है, जिसमें आपके सभी खर्च (ट्रांजैक्शन) रिकॉर्ड होते हैं। हर कार्ड की बिलिंग साइकिल अलग हो सकती है।

स्टेटमेंट डेट (Statement Date)

इसके बाद क्रेडिट कार्ड को लेकर स्टेटमेंट डेट की बारी आती है। स्टेटमेंट डेट वह तारीख होती है, जिस दिन बिलिंग साइकिल खत्म होने पर बैंक आपका पूरा बिल तैयार करता है। इसमें आपके सारे खर्च, EMI, पिछला बकाया, ब्याज और कुल राशि की जानकारी होती है।

भुगतान अवधि (Repayment Period)

इसी तरह, स्टेटमेंट बनने के बाद आपको बिल चुकाने के लिए 10-15 दिन का समय मिलता है। क्रेडिट कार्ड होल्डर को इसी समय के अंदर भुगतान करना होता है।

Payment Due Date (अंतिम भुगतान तारीख)

क्रेडिट कार्ड को लेकर पेमेंट ड्यू डेट समझना जरूरी है। यह वह आखिरी दिन होता है, जब तक आपको अपना पूरा बकाया जमा करना जरूरी होता है। अगर इस तारीख तक भुगतान नहीं किया, तो लेट फीस लग सकती है। हालांकि, अब आपको इस डेट के बाद भी 3 दिन के ग्रेस पीरियड की सुविधा मिल रही है।

कुल बकाया राशि (Outstanding Amount)

यह वह कुल रकम होती है, जो आपको चुकानी है। इसमें आपके पुराने और नए सभी खर्च शामिल होते हैं।

न्यूनतम देय राशि (Minimum Amount Due)

यह आपके कुल बिल का छोटा सा हिस्सा होता है, जिसे कम से कम भरना जरूरी होता है ताकि लेट फीस न लगे। लेकिन केवल मिनिमम पेमेंट करने से बाकी राशि पर ब्याज लगता रहता है, इसलिए पूरा भुगतान करना बेहतर होता है।

इन सभी टर्म्स को अब उदाहरण से समझते हैं मान लीजिए आपके क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट हर महीने 15 तारीख को जेनरेट होता है। इसी तरह, पेमेंट की ड्यू डेट अगले महीने की 5 तारीख होती है। मान लें 15 अप्रैल को आपको 20 हजार रुपये का बिल मिलता है, जिसे 5 मई को पे करना जरूरी है। आप चाहें तो क्रेडिट कार्ड की लिमिट स्टोर करने के लिए मिनिमम पेमेंट, जो कि बिल का 5 प्रतिशत मानें पे कर सकते हैं। यानी आप 1000 रुपये भी पे कर सकते हैं। लेकिन आपकी बकाया राशि 19 हजार रुपये पर आपको नए बिलिंग साइकल में इंटरेस्ट भी देना होगा। अच्छी बात ये है कि नए नियमों के लागू होने के बाद आपको 3 दिन का ग्रेस पीरियड मिलने लगेगा।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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