उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव (UP Election 2027) की सरगर्मी तेज हो गई है। सभी दलों ने अपने संगठन को हर मोर्चे पर दुरुस्त करना शुरू कर दिया है। सत्ताधारी पार्टी बीजेपी (BJP) पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है। प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा के बाद अब पार्टी ने सभी छह क्षेत्रों और 7 मोर्चा के लिए प्रभारियों की घोषणा कर दी है। मांट से बीजेपी विधायक राजेश चौधरी को प्रदेश युवा मोर्चा का प्रभारी बनाया है। इसके साथ ही पार्टी ने अलग-अलग सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों तक संगठन की पहुंच बढ़ाने की जिम्मेदारी भी नेताओं को दी है।
नए क्षेत्रीय प्रभारियों की नियुक्ति
बीजेपी ने प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान को पश्चिम की कमान सौंपी है। वहीं प्रदेश महामंत्री गीता शाक्य को ब्रज, शंकर लोधी को कानपुर, दिलीप पटेल को अवध, अभिजात मिश्रा को गोरखपुर और प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश सिंह को काशी का प्रभारी बनाया है। क्षेत्र प्रभारियों और मोर्चा प्रभारियों की नियुक्ति को चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की तैयारी के तौर पर देखा जा सकता है। इस सूची में बीजेपी ने जातिगत और सामाजिक समीकरण का विशेष ध्यान रखा है।
मोर्चा प्रभारी घोषित
बीजेपी ने युवा मोर्चा की कमान मथुरा की मांट विधानसभा सीट से विधायक और प्रदेश महामंत्री राजेश चौधरी को सौंपी है। वहीं संजय राय को पिछड़ा मोर्चा, डॉ धर्मेंद्र सिंह को अनुसूचित मोर्चा, कामेश्वर सिंह को महिला मोर्चा, डॉ प्रियंका रावत को अनुसूचित जनजाति मोर्चा, देवेश कोरी को अल्पसंख्यक मोर्चा और शंकर गिरी को किसान मोर्चा का प्रभारी बनाया है।
GenZ युवाओं के लिए नया प्लान
उत्तर प्रदेश की राजनीति में युवा वोटर लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में बीजेपी के लिए युवा मोर्चा सिर्फ संगठन का एक हिस्सा नहीं, बल्कि चुनावी संपर्क का बड़ा माध्यम है। नई जिम्मेदारी के तहत राजेश चौधरी के सामने कॉलेज, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया और युवाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों को संगठन के जरिए उठाने की चुनौती होगी। राजेश चौधरी मथुरा की मांट विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं। उनके पास जाट समाज से जुड़ी राजनीतिक पहचान भी है। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और युवा मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष के अलावा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे राजेश चौधरी की नियुक्ति का एक दूसरा पहलू जाट राजनीति से जुड़ा है। पश्चिमी यूपी में जाट समुदाय चुनावी समीकरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ब्रज क्षेत्र से आने वाले राजेश चौधरी को युवा मोर्चे की जिम्मेदारी देकर बीजेपी संगठन में जाट प्रतिनिधित्व को भी मजबूत संदेश देने की कोशिश की है।
बीजेपी के सामने बड़ी चुनौती
2027 के चुनाव में बीजेपी के सामने 2024 के बाद संगठन को फिर से मजबूती देने और अलग-अलग वर्गों के बीच अपनी पकड़ बनाए रखने की चुनौती होगी। खास तौर पर Gen-Z वोटर के लिए सिर्फ पारंपरिक राजनीतिक भाषण काफी नहीं होंगे। यह वर्ग सोशल मीडिया, रोजगार, शिक्षा, स्किल और अवसर जैसे मुद्दों पर ज्यादा तेजी से प्रतिक्रिया देता है। इसलिए युवा मोर्चे को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ज्यादा सक्रिय करना बीजेपी की रणनीति का अहम हिस्सा हो सकता है।
