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Oil India Q1 Result : महंगे क्रूड से लगी लॉटरी! प्रॉफिट हुआ डबल, ₹13236 करोड़ पहुंची कमाई

जहां देश की तमाम कंपनियों को महंगे क्रूड की वजह से नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, ऑयल इंडिया को महंगे क्रूड से बंपर फायदा हुआ है। FY 27 की पहली तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट डबल हो गया है।

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ऑयल इंडिया के दमदार नतीजे

सरकारी तेल एवं गैस कंपनी ऑयल इंडिया (Oil India) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ (Net Profit) 97% बढ़कर लगभग ₹4,027 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में यह लगभग दोगुना है। कंपनी ने बेहतर नतीजों का श्रेय कच्चे तेल के अधिक उत्पादन और उसकी सहायक कंपनी नुमालीगढ़ रिफाइनरी (NRL) के मजबूत प्रदर्शन को दिया है। इस तरह पश्चिम एशिया संकट की वजह से क्रूड के दाम बढ़ने का कंपनी को सीधा फायदा मिला है। कंपनी ने सिर्फ सालाना आधार पर ही बेहतर प्रदर्शन नहीं किया है। बल्कि, तिमाही आधार (QoQ) पर भी कंपनी का शुद्ध लाभ 66% से अधिक बढ़ा है।

कुल आय में भी जोरदार बढ़ोतरी

पहली तिमाही में कंपनी की कुल कंसोलिडेटेड आय बढ़कर लगभग ₹13,236 करोड़ रही। इससे पिछली तिमाही (Q4FY26) में यह ₹10,515 करोड़ और एक साल पहले की समान तिमाही (Q1FY26) में ₹9,006 करोड़ थी। वहीं, कुल खर्च बढ़कर ₹8,094 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही के ₹7,812 करोड़ से अधिक है।

कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ा

देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कंपनी ने पहली तिमाही में 0.950 मिलियन टन कच्चे तेल का उत्पादन किया। पिछले साल की समान अवधि में यह 0.853 मिलियन टन था। कंपनी ने 27 जून 2026 को 10,921 टन (84,109 बैरल) प्रतिदिन कच्चे तेल का उत्पादन कर अब तक का सबसे बड़ा दैनिक उत्पादन भी दर्ज किया।

NRL ने भी दिया बड़ा योगदान

ऑयल इंडिया की सहायक कंपनी नुमालीगढ़ रिफाइनरी (NRL) का प्रदर्शन भी बेहद मजबूत रहा। इसका शुद्ध लाभ 167% बढ़कर ₹1,305 करोड़ पहुंच गया। जबकि, पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹488 करोड़ था। इसके अलावा ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) बढ़कर 35.95 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि एक साल पहले यह 5.02 डॉलर प्रति बैरल था। डिस्टिलेट यील्ड बढ़कर 87.58% रही, जो पिछले साल 85.38% थी।

खोज में भी मिली बड़ी सफलता

तिमाही के दौरान कंपनी ने अंडमान बेसिन के विजयापुरम-3 खोजी कुएं में प्राकृतिक गैस की खोज की। कंपनी का कहना है कि इससे इस क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन की संभावनाओं को और मजबूती मिली है। इसके अलावा, असम में कंपनी ने 3,116 मीटर के सबसे लंबे हॉरिजॉन्टल डिस्प्लेसमेंट वाला ऑनशोर खोजी कुआं भी सफलतापूर्वक पूरा किया, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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