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HNI Term Insurance Policy:अमीरों का 20 करोड़ की टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी पर फोकस, इन शहरों के लोग सबसे आगे

HNI Term Insurance Policy: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के साथ-साथ पुणे, हैदराबाद और विशाखापटनम में, कई एचएनआई 20 करोड़ रुपये का कवरेज प्रदान करने वाली पॉलिसी खरीद रहे हैं।

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टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी का बढ़ा प्रचलन

HNI Term Insurance Policy:देश के हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) के बीच हाई-वैल्यू इंश्योरेंस कवरेज का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। यह बदलाव पिछले कुछ सालों में 20 करोड़ रुपये की हाई-वेल्यू वाली पॉलिसियों को खरीदने वाले एचएनआई ग्राहकों की बढ़ती संख्या के रुप में दिखाई दे रहा है। इसके अलावा हाई वेल्यू ट्रांजेक्शन्स के लिए ऑनलाइन मोड उचित नहीं है इस पुरानी सोच को पीछे छोड़ते हुए लोग अब हाई-वेल्यू ट्रांजेक्शन्स को भी ऑनलाइन करने में अधिक सहज महसूस कर रहे हैं।

इन शहरों में ज्यादा मांग

पॉलिसी बाजार डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार अब अधिक लोग 5 करोड़ रुपये की इंश्योरेंस पॉलिसियों को चुन रहे हैं, जिसे पहले उच्च कवरेज प्रदान करने वाली पॉलिसी के रूप में देखा जाता था। लेकिन आज, ये पॉलिसियां 1 करोड़ रुपये की पॉलिसियों जितनी ही सामान्य हैं, जिससे पता चलता है कि एचएनआई टर्म इंश्योरेंस के लिए 5 करोड़ रुपये नया स्टैंडर्ड बन रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के साथ-साथ पुणे, हैदराबाद और विशाखापटनम में, कई एचएनआई 20 करोड़ रुपये का कवरेज प्रदान करने वाली पॉलिसी खरीद रहे हैं, जो मजबूत वित्तीय सुरक्षा की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाता है। इसी तरह, बेंगलुरु, चेन्नई और मुंबई जैसे शहरों में अधिकतर एचएनआई 10 से 15 करोड़ रुपये के बीच कवरेज प्रदान करने वाली पॉलिसी खरीद रहे हैं।

इन बातों पर फोकस

● अधिक व्यक्ति अब सुरक्षा की एक अतिरिक्त लेयर बढ़ाने के लिए उपयुक्त राइडर्स के साथ अपने कवरेज को कस्टमाइज करने का विकल्प चुन रहे हैं।

● इसके अलावा, अधिक ग्राहक अब रिटर्न ऑफ प्रीमियम पॉलिसी के बजाय वन टाइम एग्जिट बेनिफिट वाली योजनाओं का चयन कर रहे हैं। जबकि दोनों आपको पॉलिसी से बाहर निकलने और प्रीमियम वापस पाने का लाभ प्रदान करती हैं, लेकिन स्पेशल एग्जिट बेनिफिट पॉलिसी बहुत कम लागत पर आती हैं।

● साथ ही टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने वाली, वर्किंग और नॉन वर्किंग दोनों तरह की महिला खरीदारों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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