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Times Now Summit 2025: ट्रेन की तरह एक्सप्रेसवे पर चलेंगे इलेक्ट्रिक बस-ट्रक, घंटों का सफर मिनटों में होगा पूरा; गडकरी का 1 लाख KM सड़क बनाने का है प्लान

Times Now Summit 2025: टाइम्स नाउ समिट 2025 में केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारतमाला परियोजना के तहत 38 नए ग्रीनफील्ड हाईवे और एक्सप्रेसवे बनाकर यातायात कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में काम करने का प्लान बताया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) पर एक डेडीकेटेड लेन बनाकर इलेक्ट्रिक बस और ट्रक चलाने का कार्य प्रस्तावित होने की बात कही। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरकार एक लाख किलोमीटर की सड़क बनाने की कार्ययोजना पर काम कर रही है।

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

Times Now Summit 2025: टाइम्स नाउ समिट 2025 में केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देशभर में सड़क और एक्सप्रेसवे से जुड़े तमाम पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने, भारतमाला परियोजना (Bharatmala Project) के तहत सभी राज्यों तक कनेक्टिविटी आसान बनाने के लिए हाईटेक रोड इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की बात कही। उन्होंने कहा पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा की जटिलता को देखते हुए टनल का विकास कर सफर आसान बनाने की दिशा में सरकार तेजी से बढ़ रही है। दिल्ली के आसपास शहरों तक कम समय में पहुंच निर्धारित करने के लिए एक्सेस कंट्रोल हाईवे और एक्सप्रेसवे तैयार किए जा रहे हैं। आने वाले समय में देशभर में 38 नए ग्रीनफील्ड हाईवे (Greenfield Highways) और एक्सप्रेसवे (Expressways) बनाकर यातायात कनेक्टिविटी को बेहतर करेंगे। साथ ही अधिकतर हाईवे एक्सप्रेसवे पर चार्जिंग प्वाइंट तैयार कर रहे हैं, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिल सके। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) पर एक डेडीकेटेड लेन बनाकर इलेक्ट्रिक बस (Electric Buses) और ट्रक (Electric Truck) चलाए जाएंगे। आने वाले समय में सरकार एक लाख किलोमीटर की सड़कों के निर्माण का कार्यक्रम बना रही है।

पानीपत से दिल्ली एयरपोर्ट यात्रा समय

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे के जरिए पानीपत से दिल्ली एयरपोर्ट सिर्फ आधा घंटा में पहुंचेगे। अभी इतने सफर के लिए ढाई से 3 घंटे का समय खर्च करना पड़ता है। फिलहाल, देशभर में 65 हजार करोड़ के परियोजनाएं जारी हैं, जबकि कई बड़ी हाईवे-एक्सप्रेसवे परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत आने वाली परियोजनाओं सहित 637 परियोजनाओं में मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण के मुद्दों और ठेकेदारों के सामने आने वाली वित्तीय कठिनाइयों जैसे कारकों के कारण देरी हुई है, जिन्हें दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि, इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके।

गडकरी का प्लान

  • 1 लाख 46 किलोमीटर का हाईवे है , ज्यादातर टू लेन हैं।
  • 25 हजार किलोमीटर दो वर्षों में चार लेन का करेंगे।
  • द्वारका एक्सप्रेस-वे पर काम करीब-करीब पूरा हो गया है
  • गुड़गांव एक्सप्रेस वे पर काम चल रहा है।
  • एक लाख किलोमीटर की सड़क का कार्यक्रम बना रहे हैं।

मंत्री ने राज्यसभा में कहा था कि भारतमाला परियोजना योजना के तहत आने वाली परियोजनाओं सहित 637 परियोजनाओं के कार्यान्वयन में देरी हुई है। इन चुनौतियों से पार पाने और परियोजना निष्पादन में तेजी लाने के लिए सरकार ने विभिन्न पहल की हैं। ऐसी विलंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे में दिल्ली का कचरा हमने इस्तेमाल किया है। अगले कुछ सालों में डंपिग कचरे को रिसाइकल कर बड़े सड़क प्रोजेक्ट के निर्माण में इस्तेमाल कराएंगे। कचरे से हम बॉयोफ्यूल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हम 135 सीट वाली एसी बस शुरू करने जा रहे हैं। यह चार्जिंग बस होगी। दिल्ली से जयपुर तक यह बस शुरू करने का प्लान है। सवा 2 घंटे में दिल्ली से जयपुर तक पहुंचेंगे।

डबल डेकर बस चलाने का प्लान

धौलाकुंआ से मानेसर तक हम नई टेक्नॉलजी से हवा में डबल डेकर बस चलाने की योजना बना रहे हैं। हम फ्लेक्स बस सेवा शुरू करने की भी तैयारी कर रहे हैं। स्टैंड पर यह बस चार्ज होगी और फिर 40 किलोमीटर तक चलेगी। इसका किराया डीजल बस के किराए से कम होगा और इसमें एयर होस्टेस की तरह बस होस्टेस होंगी। बस पूरी तरह वातानुकूलित होगी। दिल्ली से जयपुर यह बस सेवा शुरू करने की योजना पर काम कर रहा हूं। भविष्य का विजन होना बहुत जरूरी है उससे भी जरूरी है प्लान।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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