Akshaya Tritiya 2025: इस अक्षय तृतीया पर सोने की कीमतें ऐतिहासिक रिकॉर्ड हाई पर पहुंच रही हैं, लेकिन निवेशकों को चांदी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। टाटा म्यूचुअल फंड की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, सोना-चांदी अनुपात 100 तक पहुंच गया है, जो हाल के वर्षों में सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है। यह दर्शाता है कि सोने की तुलना में चांदी का मूल्य काफी कम है। ऐतिहासिक रूप से यह अनुपात 60 से 70 के बीच रहा है। इन दोनों के बीच का ऊंचा अनुपात यह बताता है कि सोना, चांदी की तुलना में अधिक महंगा हो गया है।
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चांदी रह गई पीछे
टाटा एमएफ की रिपोर्ट में सोने की तेजी के पीछे कई कारण बताए गए हैं। इनमें केंद्रीय बैंकों की ओर से हो रही तगड़ी खरीदारी, महंगाई की आशंका, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने सोने की मांग बढ़ाई है।
गोल्ड ईटीएफ में भी निवेश बढ़ रहा है और साल 2025 में वैश्विक स्तर पर 450 मीट्रिक टन की मांग का अनुमान है। हालांकि, चांदी इस तेजी में पीछे रह गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर एनर्जी जैसे इंडस्ट्रियल सेक्टर्स में इसकी मांग के कारण, वैश्विक आर्थिक चिंताओं ने चांदी को अधिक प्रभावित किया है।
चांदी इस समय ज्यादा बेहतर विकल्प
ऊंच्च सोना-चांदी अनुपात निवेशकों के लिए चांदी में अवसर का संकेत है, खासकर मिड से लॉन्ग टर्म निवेश के लिए। टाटा म्यूचुअल फंड का कहना है कि सोना एक सुरक्षित निवेश बना हुआ है, लेकिन मौजूदा भाव पर चांदी बेहतर ऑप्शन दे सकती है। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो की जरूरतों, बाजार के रुझानों और जोखिम क्षमता पर विचार करना चाहिए।
अक्षय तृतीया पर क्या करें
जानकारों का मानना है कि अक्षय तृतीया को सोने-चांदी में निवेश के लिए शुभ माना जाता है। इस साल, सोना-चांदी अनुपात पर ध्यान देकर निवेशक बेहतर संतुलन बना सकते हैं। सही रणनीति के साथ, यह अवसर निवेश को और आकर्षक बना सकता है।
