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हर कार-बाइक मालिक के पास होनी चाहिए ये पॉलिसी, संकट में यही आएगी काम

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Mar 23, 2023, 06:28 PM IST

Third Party Insurance: थर्ड पार्टी बीमा तीसरे पक्ष से संबंधित होता है। यानी वाहन से दुर्घटना होने पर, पीड़ित व्यक्ति को तीसरी पार्टी माना जाता है। और उसे बीमा कंपनी क्लेम राशि देती है।

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क्या होता है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस

Third Party Insurance: देश में तेजी से कार और दोपहिया वाहनों की बिक्री बढ़ रही है। लेकिन इसके साथ विडंबना यह अभी है कि अभी 54 फीसदी वाहन ऐसे हैं जिनका बीमा नहीं है। यानी सड़क पर अगर कोई हादसा होता है, तो उसका बीमा नहीं है। और उसका खामियाजा हादसे में घायल या मृत होने वाले व्यक्ति के साथ वाहन चालक को भी उठाना पड़ सकता है। इसलिए कम से कम वाहन का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होना बेहद जरुरी है। क्योंकि ऐसा न होने पर जिस वाहन के जरिए हादसा हुआ है, उसके चालक या फिर ओनर को आर्थिक के साथ कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।

क्या है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस

थर्ड पार्टी बीमा तीसरे पक्ष से संबंधित होता है। यानी वाहन से दुर्घटना होने पर, पीड़ित व्यक्ति को तीसरी पार्टी माना जाता है। और उसे बीमा कंपनी क्लेम राशि देती है। यहां फर्स्ट पार्टी वाहन चलाने वाला और थर्ड पार्टी वाहन की चपेट में आने वाला होता है। जबकि सेकंड पार्टी बीमा कंपनी होती है। अब हर वाहन का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य है। इसके अलावा नया दोपहिया वाहन खरीदते समय कम से कम 5 साल के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य कर दिया गया है।

बीमा नहीं होने पर चुकानी पड़ेगा पैसा

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के तहत केवल हादसे पर क्लेम मिलता है। जिसमें हादसे के दौरान शारीरिक नुकसान होने के साथ-साथ ईलाज के लिए अस्पताल का खर्च आदि को शामिल किया जाता है। साथ ही थर्ड पार्टी के वाहन को जो नुकसान होता है, उसका भी क्लेम बीमा कंपनी देती है। इसके अलावा अगर हादसे के दौरान थर्ड पार्टी की मौत हो जाती है, तो उसका भी क्लेम बीमा कंपनी द्वारा दिया जाता है। ऐसी स्थिति में अगर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नहीं होगा तो सभी देनदारी फर्स्ट पार्टी की हो जाती है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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