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Tatkal vs Normal Passport : तत्काल और सामान्य पासपोर्ट में क्या है अंतर, चेक करें फुल डिटेल?

पासपोर्ट अहम दस्तावेज होता है। अगर अर्जेंट यात्रा का प्लान बनता है, तो अक्सर लोगों को तत्काल पासपोर्ट के बारे में याद आता है, यहां तत्काल और सामान्य पासपोर्ट बनवाने, उनके डॉक्युमेंटेशन और खर्च की पूरी डिटेल दी गई है।

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तत्काल पासपोर्ट के लिए लगती है एक्स्ट्रा फीस

Tatkal vs Normal Passport : पासपोर्ट बनवाने के लिए दो विकल्प होते हैं। तत्काल और नॉर्मल। दोनों के नाम से ही अंतर साफ पता लग जाता है कि ये आवेदक की जरूरत को देखते हुए जल्दी या सामान्य प्रक्रिया के तहत बनाए जाते हैं। यहां, नॉर्मल या सामान्य और तत्काल पासपोर्ट के बीच के जो अहम अंतर हैं, उनके बारे में बताया गया है।

मिलने में कितना समय लगता है?

नॉर्मल पासपोर्ट: सामान्यपासपोर्ट को आवेदने के बाद मिलने में करीब 30 से 45 दिन लग जाते हैं। क्योंकि, सामान्य पासपोर्ट में पुलिस वेरिफिकेशन और दूसरे अहम प्रोसेस सामान्य गति से किए जाते हैं। यह प्रोसेस धीरे-धीरे बढ़ता है, ताकि किसी भी स्तर पर कोई जरूरी जांच में चूक नहीं रह जाए। इसके अलावा अगर आवेदक की तरफ से पेपरवर्क में कोई गलती रह जाती है, तो इसमें और ज्यादा वक्त लग सकता है।

तत्काल पासपोर्ट: इस सेवा का इस्तेमाल करने पर अमूमन पासपोर्ट 1 से 3 दिन के भीतर ही मिल सकता है। लेकिन, तत्काल सेवा का इस्तेमाल करने के लिए, कुछ जरूरतें पूरी करनी होती हैं। इसके लिए सामान्य की तुलना में ज्यादा पेपरवर्क होता है। तत्काल पासपोर्ट के लिए अथॉरिटीज की तरफ से बताए गए सभी जरूरी डॉक्यूमेंट तय समय में पेश करने होते हैं।

प्रोसेस और डॉक्यूमेंट्स

नॉर्मल पासपोर्ट: एक सामान्य पासपोर्ट आवेदन के लिए पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज लगते हैं। इसके बाद पुलिस वेरिफिकेशन प्रोसेस शुरू होता है। इसमें व्यक्ति के आपराधिक रिकॉर्ड सहित तमाम दस्तावेजों की भी जांच होती है। यह पूरी प्रक्रिया एक से डेढ़ महीने में पूरी हो पाती है। वहीं, अगर आवेदन के समय दिए गए डॉक्यूमेंट गलत या अधूरे रह जाते हैं, तो यह प्रक्रिया और लंबी हो जाती है।

तत्काल पासपोर्ट: तत्काल पासपोर्ट के लिए भी सामान्य पासपोर्ट में लगने वाले सभी दस्तावेज लगते हैं। हालांकि, इस तरह के मामलों में पुलिस वेरिफिकेशन प्रोसेस आमतौर पर पासपोर्ट मिलने के बाद होता है। हालांकि, दस्तोवेजों की सत्यता और जानकारी को पक्का करने के लिए तत्काल सर्विस का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रोसेस काफी सख्त होता है। अगर आपके पास जरूरी पेपरवर्क नहीं है, तो जल्दी पासपोर्ट मिलना मुश्किल हो जाता है। तत्काल पासपोर्ट सर्विस कुछ कैटेगरी के लिए उपलब्ध नहीं है।

फीस में कितना अंतर

नॉर्मल पासपोर्ट: एक नॉर्मल पासपोर्ट के लिए आवेदक को फीस के तौर पर 36 पेज के पासपोर्ट के लिए 1500 रुपये चुकाने होते हैं। पासपोर्ट के पेज बढ़ने के आधार पर यह फीस बढ़ भी सकती है। इस तरह से पासपोर्ट बनवाने की न्यूनतम फीस 1500 रुपये कही जा सकती है।

तत्काल पासपोर्ट: तत्काल सर्विस के तहत पासपोर्ट बनवाने के लिए अतिरिक्त कीमत चुकानी पड़ती है। तत्काल सेवा के तहत 35 पेज का पासपोर्ट जारी करने के लिए Rs. 3500 रुपये की फीस लगती है।

FAQs

क्या नॉर्मल पासपोर्ट एप्लीकेशन को तत्काल में बदला जा सकता है?

नहीं। एक बार सबमिट करने के बाद नॉर्मल एप्लीकेशन को तत्काल में नहीं बदल सकते। अगर आपको तुरंत जरूरत हो, तो आपको एलिजिबिलिटी और एक्स्ट्रा फीस के आधार पर तत्काल स्कीम के तहत फिर से अप्लाई करना पड़ सकता है।

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Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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