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पुरानी कार के लिए ले रहे हैं लोन? जानें किन गलतियों से बढ़ सकती है आपकी EMI

पुरानी कार के लिए लोन लेते समय ऊंची ब्याज दरों, लंबी अवधि और कम डाउन पेमेंट जैसी गलतियों से बचें। सही जानकारी और स्मार्ट प्लानिंग से आप अपनी EMI और अतिरिक्त वित्तीय बोझ को आसानी से कम रख सकते हैं।

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पुरानी कार के लिए ले रहे हैं लोन? जानें किन गलतियों से बढ़ सकती है आपकी EMI

आज के समय में नई कार की तुलना में सेकंड-हैंड या पुरानी कार खरीदना एक बजट-फ्रेंडली विकल्प माना जाता है। भारतीय बाजार में यूज़्ड कार लोन (Used Car Loan) की सुविधा आसानी से उपलब्ध होने के कारण लोग अपनी मनपसंद कार तुरंत खरीद लेते हैं। हालांकि, नई कार लोन की तुलना में पुरानी कार पर मिलने वाले लोन के नियम, ब्याज दरें और शर्तें काफी अलग होती हैं। सही जानकारी और प्लानिंग के अभाव में लोन लेना एक वित्तीय जाल बन सकता है, जिससे आपकी हर महीने की ईएमआई (EMI) अचानक बहुत बढ़ सकती है और आपका मासिक बजट बिगड़ सकता है।

पुरानी कार लोन पर कितना लगता है ब्याज?

पुरानी कार लोन में सबसे बड़ी गलती ऊंची ब्याज दरों (High Interest Rates) को अनदेखा करना है। बैंक या फाइनेंस कंपनियां नई कार की तुलना में पुरानी कार पर जोखिम ज्यादा मानती हैं, इसलिए ब्याज दरें 2% से 5% तक अधिक होती हैं। यदि आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) कमजोर है, तो आपको और भी अधिक ब्याज देना पड़ सकता है। इसके अलावा, लोग अक्सर कम डाउन पेमेंट करते हैं, जिससे लोन की मूल राशि (Principal Amount) बढ़ जाती है और नतीजतन ईएमआई के साथ-साथ कुल ब्याज का बोझ भी बढ़ जाता है।

एक और आम जाल लोन की लंबी अवधि (Longer Tenure) चुनना है। कई लोग ईएमआई को छोटा रखने के चक्कर में 5 से 7 साल का लोन चुन लेते हैं। लेकिन पुरानी कार का मूल्य हर साल तेजी से घटता है (Depreciation)। ऐसे में एक समय ऐसा आ सकता है जब आपकी कार की बाजार कीमत आपके बचे हुए लोन अमाउंट से भी कम हो जाएगी। लंबी अवधि चुनने से आप ईएमआई तो थोड़ी कम दे पाते हैं, लेकिन कुल मिलाकर बैंक को कार की वास्तविक कीमत से बहुत ज्यादा ब्याज चुका बैठते हैं।

लोन लेते समय इन चीजों का रखें ध्यान

लोन लेते समय हिडन चार्ज (Hidden Charges) और प्रोसेसिंग फीस की अनदेखी करना भी भारी पड़ता है। लोन एग्रीमेंट पर दस्तखत करने से पहले प्रोसेसिंग फीस, डॉक्युमेंटेशन चार्ज, ट्रांसफर शुल्क और प्री-पेमेंट/फोरक्लोजर पेनल्टी जैसी शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है। कई बार ये अतिरिक्त खर्चे आपकी उधारी की कुल लागत को काफी बढ़ा देते हैं। साथ ही, डीलर के झांसे में आकर अनचाहे एक्सेसरीज या अनावश्यक ऐड-ऑन कवर को लोन में जोड़ने से बचना चाहिए।

यूज़्ड कार लोन के जोखिमों से बचने और ईएमआई को नियंत्रण में रखने के लिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें। कार खरीदने से पहले अपनी जेब के अनुसार कम से कम 20% से 30% का डाउन पेमेंट जरूर करें। लोन लेने से पहले अलग-अलग बैंकों और एनबीएफसी (NBFCs) की ब्याज दरों व शर्तों की तुलना करें। अपनी कुल ईएमआई को अपनी मासिक आय के 30-40% से अधिक न होने दें और लोन चुकाने की अवधि को जितना हो सके छोटा रखें। इन सावधानियों से आप बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी पुरानी कार का सुख ले सकते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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