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1-2 साल का ब्रेक लेने पर PF खाते का क्या होता है? जानिए पैसों और ब्याज पर इसका असर

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल आता है कि करियर ब्रेक (Career Break) लेने से क्या ईपीएफ खाता भी हमेशा के लिए बंद हो जाता है?

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ब्रेक लेने पर पीएफ खाते का क्या होता है? (Photo: iStock)

कई बार नौकरी करने वाले लोगों को किसी व्यक्तिगत कारण, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवार या करियर में बदलाव के लिए कुछ समय का ब्रेक (Career Break) लेना पड़ता है। अगर यह ब्रेक 1-2 साल का हो तो सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि इस दौरान व्यक्ति के EPF (Employees Provident Fund) खाते का क्या होगा? क्या खाता बंद हो जाता है? क्या जमा राशि पर ब्याज मिलता है? क्या भविष्य में इसे इस्तेमाल किया जा सकता है? इस आर्टिकल में इन सभी सवालों के जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं-

नौकरी छोड़ने के बाद EPF खाता बंद नहीं होता

अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है और कुछ समय के लिए काम नहीं करता है तो उसका EPF खाता बंद नहीं होता। कर्मचारी की पहले से जमा हुई राशि EPF खाते में सुरक्षित रहती है। यानी करियर ब्रेक लेने के दौरान भी पुरानी बचत बनी रहती है। हालांकि, नौकरी छोड़ने के बाद खाते में नया योगदान (Contribution) जमा नहीं होता क्योंकि कर्मचारी और नियोक्ता दोनों की ओर से मासिक योगदान बंद हो जाता है।

EPF खाते पर मिलता रहता है ब्याज

करियर ब्रेक के दौरान भी PF खाते में जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है। EPFO द्वारा तय की गई ब्याज दर के अनुसार खाते में मौजूद बैलेंस बढ़ता रहता है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी व्यक्ति ने नौकरी छोड़ दी है, तब भी उसकी पुरानी जमा राशि निष्क्रिय नहीं होती और उस पर ब्याज मिलता रहता है। हालांकि, लंबे समय तक खाते का इस्तेमाल नहीं किया जाता तो अपने EPF खाते की जानकारी और KYC अपडेट रखना जरूरी हो जाता है, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।

नौकरी बदलने पर EPF ट्रांसफर कर सकते हैं

अगर कोई व्यक्ति करियर ब्रेक के बाद दोबारा नौकरी शुरू करता है तो नई कंपनी में नया EPF खाता खुल सकता है। ऐसे में पुराने EPF खाते को नए खाते में ट्रांसफर करना बेहतर विकल्प होता है। EPF ट्रांसफर करने से पिछली बचत एक ही खाते में जमा हो जाती है और लगातार कंपाउंडिंग का फायदा मिलता रहता है। इसके अलावा पेंशन योजना (EPS) से जुड़े लाभों को बनाए रखने में भी मदद मिलती है।

क्या EPF से पैसा निकाल सकते हैं?

करियर ब्रेक के दौरान जरूरत पड़ने पर EPF से पैसा निकालने का विकल्प उपलब्ध हो सकता है। हालांकि, EPF एक रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है, इसलिए बिना जरूरत पैसा निकालने से बचना चाहिए। अगर नौकरी छोड़ने के बाद EPF की पूरी राशि निकाली जाती है तो इससे लंबे समय की बचत प्रभावित हो सकती है। खासतौर पर कम उम्र में EPF निकालने से रिटायरमेंट के लिए जमा होने वाला बड़ा फंड कम हो सकता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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