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सहारा में फंसा पैसा होगा रिटर्न, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला,निवेशकों को मिलेंगे 5000 करोड़

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Mar 29, 2023, 01:54 PM IST

Sahara India money refund:सेबी के पास जब्त 24 हजार करोड़ रुपये में से 5000 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाए जाएंगे। इस संबंध में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है।

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फाइल फोटो: सहारा के निवेशकों को बड़ी राहत

Sahara India money refund: सहारा के लाखों निवेशकों के लिए बड़ी खबर है। सुप्रीम कोर्ट आम निवेशकों को फंसे पैसे को वापस करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत सेबी के पास जब्त 24 हजार करोड़ रुपये में से 5000 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाए जाएंगे। इस संबंध में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। यह उन निवेशकों के बड़ी राहत है, जिनका पैसा कई वर्षों से फंसा हुआ था। सहारा में छोटे निवेशकों ने बड़ी संख्या में निवेश कर रखे हैं। इस फैसले से करीब एक करोड़ निवेशकों को फायदा मिल सकता है।

केंद्र सरकार ने की थी अपील

असल में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2012 में सहारा ग्रुप की दो कंपनियों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन (SIRECL) और सहारा हाउसिंग इंडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड (SHICL) को निवेशकों का पैसा लौटाने का निर्देश देने के बाद एस्क्रो अकाउंट खोले गए थे। इसके तहत 24 हजार करोड़ रुपये जमा है। केंद्र सरकार ने उसी खाते से जमा पैसों को निवेशकों को जारी करने की सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।

जज की निगरानी में वापस होगा पैसा

अपने आदेश में न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने कहा कि सहारा समूह की सहकारी समितियों द्वारा ठगे गए जमाकर्ताओं के बीच इस राशि का वितरण किया जाना चाहिए। इसमें कहा गया कि इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी शीर्ष अदालत के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी करेंगे।

क्या है मामला

असल में यह विवाद साल 2009 में सहारा के OFCD से शुरु हुआ था। सहारा समूह ने उस वक्त OFCD के जरिए 24 हजार करोड़ रुपये जुटाए थे। लेकिन बाद में यह मामला सामने आया कि सहारा ने गलत से निवेशकों से रकम जुटाई। इस पूरे मामले में सहारा की दो कंपनियां सहारा हाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड और सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन जुड़ी हुईं थी। धांधली सामने आने के बाद सेबी ने सहारा से निवेशकों को उनका पैसा 15 फीसदी ब्याज के साथ लौटाने को कहा था।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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