कितनी बची है रकम
क्रेडिट सुइस ने कोर्ट को बताया कि स्पाइसजेट ने कुछ भुगतान कर दिया है, लेकिन अब भी लगभग 4.4 मिलियन डॉलर (36.24 करोड़ रु) की बकाया राशि का भुगतान किया जाना बाकी है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार स्विस फर्म ने 2013 में विमान के इंजन और पुर्जों की सर्विसिंग के भुगतान के लिए 24 मिलियन डॉलर का भुगतान करने में विफल रहने के लिए एयरलाइन के खिलाफ वाइंडिंग-अप केस दायर किया था।
क्या था स्पाइसजेट पर आरोप
स्पाइसजेट ने पिछले महीने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना याचिका पर कोई नोटिस जारी नहीं किया है। तब सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 17 मई तक के लिए टाल दिया था। स्विस निवेश बैंक क्रेडिट सुइस ने 21 अप्रैल को भारत की टॉप अदालत में स्पाइसजेट के खिलाफ अदालत की अवमानना मामला दायर किया था, जिसमें अदालत द्वारा तय किए गए समझौते के अनुसार 4.9 मिलियन डॉलर की बकाया राशि का भुगतान न करने का आरोप लगाया गया था।
2011 से शुरू हुआ था मामला
स्पाइसजेट और क्रेडिट सुइस के बीच का विवाद 2011 का है, जो अनपेड इंजन मैंटेनेंस और रिपेयर एग्रीमेंट से जुड़ा है। उस समय स्पाइसजेट के प्रमोटर कलानिधि मारन थे जो कि एयरलाइन के इनचार्ज भी थे। 2013 में, क्रेडिट सुइस ने मद्रास हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की और आरोप लगाया था कि स्पाइसजेट ने विमान के इंजन और कंपोनेंट के मैंटेनें,, मरम्मत और ओवरहॉलिंग के लिए 24 मिलियन डॉलर से अधिक के बिलों का भुगतान नहीं किया।
