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Go First संकट के बीच Spicejet पर भी मुसीबत, 198 करोड़ का है मामला

क्रेडिट सुइस ने कोर्ट को बताया कि स्पाइसजेट ने कुछ भुगतान कर दिया है, लेकिन अब भी लगभग 4.4 मिलियन डॉलर (36.24 करोड़ रु) की बकाया राशि का भुगतान किया जाना बाकी है।

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स्पाइसजेट-क्रेडिट सुइस विवाद में नया मोड़

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • स्पाइसजेट को सुप्रीम कोर्ट का आदेश
  • 18 जुलाई तक करना है सेटलमेंट अमाउंट का भुगतान
  • 36.24 करोड़ का भुगतान किया जाना बाकी

Spicejet-Credit Suisse Dispute : सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को स्पाइसजेट (Spicejet) को 24 मिलियन डॉलर (197.72 करोड़ रु) के विवाद में क्रेडिट सुइस (Credit Suisse) को सेटलमेंट अमाउंट का भुगतान करने के लिए 18 जुलाई तक का समय दिया है। वहीं जस्टिस एएस बोपन्ना और हिमा कोहली की सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की बेंच ने क्रेडिट सुइस की तरफ से की गई अवमानना याचिका पर सुनवाई टाल दी, क्योंकि स्पाइसजेट ने सेटलमेंट अमाउंट चुकाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

कितनी बची है रकम

क्रेडिट सुइस ने कोर्ट को बताया कि स्पाइसजेट ने कुछ भुगतान कर दिया है, लेकिन अब भी लगभग 4.4 मिलियन डॉलर (36.24 करोड़ रु) की बकाया राशि का भुगतान किया जाना बाकी है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार स्विस फर्म ने 2013 में विमान के इंजन और पुर्जों की सर्विसिंग के भुगतान के लिए 24 मिलियन डॉलर का भुगतान करने में विफल रहने के लिए एयरलाइन के खिलाफ वाइंडिंग-अप केस दायर किया था।

क्या था स्पाइसजेट पर आरोप

स्पाइसजेट ने पिछले महीने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना याचिका पर कोई नोटिस जारी नहीं किया है। तब सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 17 मई तक के लिए टाल दिया था। स्विस निवेश बैंक क्रेडिट सुइस ने 21 अप्रैल को भारत की टॉप अदालत में स्पाइसजेट के खिलाफ अदालत की अवमानना मामला दायर किया था, जिसमें अदालत द्वारा तय किए गए समझौते के अनुसार 4.9 मिलियन डॉलर की बकाया राशि का भुगतान न करने का आरोप लगाया गया था।

2011 से शुरू हुआ था मामला

स्पाइसजेट और क्रेडिट सुइस के बीच का विवाद 2011 का है, जो अनपेड इंजन मैंटेनेंस और रिपेयर एग्रीमेंट से जुड़ा है। उस समय स्पाइसजेट के प्रमोटर कलानिधि मारन थे जो कि एयरलाइन के इनचार्ज भी थे। 2013 में, क्रेडिट सुइस ने मद्रास हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की और आरोप लगाया था कि स्पाइसजेट ने विमान के इंजन और कंपोनेंट के मैंटेनें,, मरम्मत और ओवरहॉलिंग के लिए 24 मिलियन डॉलर से अधिक के बिलों का भुगतान नहीं किया।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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