Silver Hallmarking: सोने के बाद अब चांदी पर भी हॉलमार्किंग की तैयारी है। इस संबंध में सरकार जल्द फैसला ले सकती है। और चांदी के लिए भी सोने की तरह एचयूआईडी (HUID) की तैयारी है। पूरे मामले पर 22 जुलाई को अहम बैठक भी बुलाई गई है। बैठक में नौ कैरेट वाली गोल्ड ज्वेलरी को परमिशन देने और चांदी के गहनों पर भी हॉलमार्किंग अनिवार्य करने पर चर्चा होगी। और उम्मीद है कि इसको लेकर कोई अहम सहमति बन सकती है।
क्या है तैयारी
इस बैठक में क्या हो सकता है इस पर ईटी नाउ स्वदेश से ऑल इंडिया ज्वेलर्स & गोल्डस्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पंकज अरोड़ा से खास बातचीत की है। जिसमें उन्होंने बताया कि भारत सरकार की ओर से 22 जुलाई को दिल्ली में बैठक बुलाई गई है। और चांदी पर हॉलमार्किंग के मुद्दे पर बीआईएस की सभी संबंधित पक्षों के साथ अहम बैठक होगी। बैठक में नौ कैरेट वाली गोल्ड ज्वेलरी को परमिशन और देने और चांदी के गहनों पर भी हॉलमार्किंग अनिवार्य करने पर चर्चा होनी है। जैसे पहले सोने पर HUID लगता था, वैसे ही अब चांदी के गहनों पर भी HUID का निशान लगाने पर सहमित बन सकती है।
सोने पर कब से लागू
भारत सरकार ने 16 जून 2021 से सोने के गहनों के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य किया था। और 1 अप्रैल 2023 से ज्वैलरी पर छह अंकों की हॉलमार्क विशिष्ट पहचान (HUID) संख्या के बिना किसी भी सोने के गहनों को बेचने से प्रतिबंधित कर दिया था।हॉलमार्किंग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को नकली उत्पाद से बचाना है। BIS का नियम है कि जहां पर गहनों का उत्पादन होता है, वहीं पर इसकी हॉलमार्किंग होगी। देश के 358 जिलों में अब BIS मान्यताप्राप्त AHC/OSC हैं। इस कवायद उद्देश्य ग्राहक को नकली ज्वैलरी न मिले और उसे ठगा नहीं जा सके।
