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Bye Bye FY23! साल की वो 5 सबसे बड़ी घटनाएं, जिसने हम सभी की जेब पर गहरा असर डाला

वित्तीय परिस्थितियों के लिहाज से वित्त वर्ष 2022-23 उठा-पटक से भरा रहा। FY23 में रेपो रेट से लेकर बैंक एफडी तक और सोने के भाव से लेकर अमेरिकी बैंक संकट तक, वो सबसे बड़ी घटनाएं रहीं जिसने हम सभी की जेब पर गहरा असर डाला।

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Bye Bye FY23! साल की वो 5 सबसे बड़ी घटनाएं, जिसने हम सभी की जेब पर गहरा असर डाला

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KEY HIGHLIGHTS
  • वित्त वर्ष 2022-23 का आज आखिरी दिन है।
  • इस वित्त वर्ष कई बड़ी घटनाएं देखने को मिलीं।
  • RBI ने इस वित्त वर्ष रेपो रेट में 2.5 फीसदी की बढ़ोतरी की।

FY 2022-23: आज यानी 31 मार्च, 2023 चालू वित्त वर्ष का आखिरी दिन है जो 1 अप्रैल, 2022 को शुरू हुआ था। FY23 ने वित्तीय घोषणाओं की एक सीरीज से रूबरू कराया, जिसका सीधा असर देश की आम जनता की जेब पर पड़ा। इससे पहले कि हम वित्त वर्ष 2022-23 को अलविदा कहें, यहां हम उन 5 बड़ी बातों के बारे में बताएंगे, जिन्होंने भारत के लगभग हर व्यक्ति की जेब को प्रभावित किया।

RBI ने रेपो रेट में 2.5 फीसदी की बढ़ोतरी की

कोरोनावायरस के बाद रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध ने महंगाई के दबाव को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई। भारतीय रिज़र्व बैंक ने FY23 में रेपो दर में कई बार बढ़ोतरी की। मई 2022 से लेकर फरवरी 2023 के बीच रेपो रेट में 2.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बैंक FD में 2-2.25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी की वजह से देश के तमाम बैंकों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी पर दी जाने वाली ब्याज दरों में भी बढ़ोतरी की। बैंकों ने मई 2022 से फरवरी 2023 के बीच एफडी की ब्याज दरों में 2 से 2.25 फीसदी तक की बढ़ोतरी की।

सोने के भाव ने छूआ 60 हजार का जादूई आंकड़ा

20 मार्च, 2023 को सोने के भाव ने MCX पर पहली बार 60 हजार के जादूई आंकड़े को छूआ। ये सोने का ऑल टाइम हाई रेट था। सोने की कीमतों में आए इस उछाल का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी बैंक संकट था।

निफ्टी ने बनाया रिकॉर्ड

महंगाई की आशंका के बीच वैश्विक निराशा के बावजूद निफ्टी ने पिछले साल 28 नवंबर को रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। बताते चलें कि निफ्टी का ये परफॉर्मेंस सेंसेक्स के ऑल टाइम हाई पर पहुंचने के कुछ ही घंटे बाद आया था।

अमेरिकी बैंक का पतन

8 मार्च 2023 को अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित सिलिकॉन वैली बैंक ने पहली तिमाही के लिए 1.8 अरब डॉलर के नुकसान पर अपने पोर्टफोलियो से 21 अरब डॉलर की वैल्यू वाली की सिक्योरिटीज बेच डालीं। इसके ठीक 2 दिन बाद यानी 10 मार्च को प्री-मार्केट में बड़े पैमाने पर बिकवाली के बाद सिलिकॉन वैली बैंक के शेयरों ने बिजनेस रोक दिया, जिसके बाद कैलिफोर्निया बैंकिंग रेगुलेटर ने इसे बंद कर दिया।

Sunil Chaurasia
सुनील चौरसियाauthor

<p>मैं सुनील चौरसिया,. मऊ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हूं और अभी दिल्ली में रहता हूं। मैं टाइम्स नाउ नवभारत में बिजनेस, यूटिलिटी और पर्सनल फाइनेंस पर काम कर रहा हूं। टाइम्स नाउ से पहले मैं ज़ी बिजनेस, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन, राजस्थान पत्रिका में काम कर चुका हूं। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपने रीडर्स तक उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारियां पहुंचा सकूं।</p>

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