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केवल इतना पैसा निकाल पाएंगे अमेरिका के डूबे बैंक से कस्टमर,इन भारतीय कंपनियों में भी लगा है पैसा

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Mar 11, 2023, 01:05 PM IST

Silicon Valley Bank Crisis and Impact on India: सिलिकॉन वैली बैंक मुख्य रूप से दुनिया भर के स्टार्टअप को फंडिंग करता था। अकेले अमेरिका में करीब 50 फीसदी स्टार्ट अप ऐसे थे, जिसमें वेंचर कैपिटलिस्ट के जरिए SVB ने निवेश कर रखा था।

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सिलिकॉन वैली बैंक का भारत पर भी होगा असर

Silicon Valley Bank Crisis and Impact on India: अमेरिका के 16 वें सबसे बड़े बैंक सिलिकॉन वैली बैंक (SVB) के बंद होने से दुनिया भर में भूचाल आ गया है। खबर आते ही भारतीय बाजार से लेकर दुनिया भर के शेयर मार्केट में निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए। पिछले 2 दिनों में स्टॉक मार्केट में अमेरिकी बैंकों को 100 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। वहीं यूरोप के बैंकों को 50 अरब डॉलर की राशि मार्केट में डूब गई। जबकि शुक्रवार को भारत में बाजार खुलते ही, पहले घंटे में ही निवेशकों के करीब 2 लाख करोड़ रुपये डूब गए । सिलिकॉन वैली बैंक का डूबना अमेरिका के 2008 के वित्तीय संकट के बाद का सबसे बड़ा बैंकिंग संकट है।

सिलिकॉन वैली बैंक मुख्य रूप से दुनिया भर के स्टार्टअप को फंडिंग करता था। अकेले अमेरिका में करीब 50 फीसदी स्टार्ट अप ऐसे थे, जिसमें वेंचर कैपिटलिस्ट के जरिए SVB ने निवेश कर रखा था। रिपोर्टस के अनुसार भारत में करीब 20 स्टार्टअप में SVB ने निवेश कर रखा है। किसी बैंक के डूबने के बाद सबसे बड़ी चिंता उसके कस्टमर को अपने जमा पैसे की होती है। क्योंकि दिवालिया होने के बाद, बैंकिंग ऑपरेशन ठप हो जाते हैं और कस्टमर को पैसा निकालने की छूट नहीं होती है। ऐसे में इंश्योरेंस स्कीम के तहत तय राशि ही ग्राहक निकाल पाते हैं।

अमेरिका में ये है नियम

अमेरिकी कानून के तहत फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (FDIC) ने शुक्रवार को सिलिकॉन वैली बैंक का टेकओवर कर लिया है। अब 13 मार्च को बैंक खुलेगा । जिसके बाद सभी डिपॉजिटर तय इंश्योरेंस राशि के बराबर ही पैसा निकाल पाएंगे। फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन के तय नियम के अनुसार सिलिकॉन वैली बैंक से कस्टमर 2.5 लाख डॉलर तक की राशि निकालने के हकदार होंगे। यानी अगर उनके अकाउंट में 2.5 लाख डॉलर से ज्यादा की रकम जमा होगी, तो भी वह केवल 2.5 लाख डॉलर ही रकम निकाल पाएंगे। लेकिन यह पैसा केवल इंश्योर्ड अकाउंट पर ही मिलेगा। साथ ही जिन डिपॉजिटर के खाते में इंश्योर्ड अमाउंट से ज्यादा रकम जमा है उन्हें FDIC एक सर्टिफिकेट देगा। इसके तहत फंड रिकवर होने के बाद इन्हें पैसे लौटाए जाएंगे।बैंक में दिसंबर 2022 तक 175.4 अरब डॉलर की जमा राशि थी।

FDIC की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2019 तक अमेरिकी बैंकों में जमा कुल 60 फीसदी रकम ही इंश्योर्ड थी। यानी 40 फीसदी रकम बैंकों के दिवालिया होने की स्थिति में डूब जाएगी।

भारतीय स्टार्टअप पर भी असर

बैंक के बंद होने से कई भारतीय स्टार्ट-अप्स पर भी असर पड़ने की आशंका है। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार SVB ने भारत में करीब 20 स्टार्टअप में निवेश कर रखा है। पेटीएम,ब्लू स्टोन, इनमोबी, कारवॉले,शादी, शारवा, लॉयल्टी रिवार्ड्ज जैसी कंपनियों निवेश किया गया है।

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार SVB का भारत में सबसे अहम निवेश SAAS-यूनिकॉर्न Icertis में है। अक्टूबर 2022 में SVB ने इस कंपनी में करीब 150 मिलियन डॉलर निवेश कर रखे हैं।।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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