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अमेरिका में कल से लगेगा शटडाउन! क्या भारतीय बाजार पर पड़ेगा असर?

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Sep 30, 2023, 01:34 PM IST

US Shutdown: अमेरिका की बाइडन सरकार 1 अक्टूबर 2023 से देश में शटडाउन लागू कर सकती है। इस शटडाउन से अमेरिका में सभी गैर-जरूरी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। यह शटडाउन तबतक जारी रहेगा, जब तक अमेरिकी संसद जरूरी बिलों के खर्च से जुड़े बिल को पास न कर दें या सरकार को इसके लिए अतिरिक्त कर्ज लेने की मंजूरी न दे दे।

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इस शटडाउन का पूरे अमेरिका की इकोनॉमी पर असर पड़ सकता है।

Photo : Twitter

US Shutdown: अमेरिका की बाइडन सरकार 1 अक्टूबर 2023 से देश में शटडाउन लागू कर सकती है। इस शटडाउन से अमेरिका में सभी गैर-जरूरी सेवाएं बंद हो सकते हैं। यह शटडाउन तबतक जारी रहेगा, जब तक अमेरिकी संसद जरूरी बिलों के खर्च से जुड़े बिल को पास न कर दें या सरकार को इसके लिए अतिरिक्त कर्ज लेने की मंजूरी न दे दे। इसके चलते अमेरिका के केंद्र सरकार के लिए काम करने वाली कर्मचारियों की सैलरी रुक सकती है। साथ ही अमेरिकी जनता को सरकार से मिलने वाली तमाम तरह की सब्सिडी, छूट या सेवाएं भी बंद हो जाती हैं।

2 लाख करोड़ डॉलर का भारी बजट घाटा

अमेरिका करीब 2 लाख करोड़ डॉलर के भारी बजट घाटे का सामना कर रहा है। सरकार की आमदनी और उसके खर्च में करीब 2 लाख करोड़ डॉलर का अंतर है। यह अंतर पिछले साल के मुकाबले करीब दोगुना और कोरोना-पूर्व के स्तर से भी काफी ज्यादा है। इस घाटे की मुख्य वजह सरकार की आमदनी अभी भी कोरोना महामारी के पहले के स्तर पर ही बनी हुई है, लेकिन इसके खर्च में भारी इजाफा हुआ है। इसके अलावा ब्याज दरों के ऊंची होने से अमेरिका का अपने राष्ट्रीय कर्ज पर ब्याज के रूप में अधिक भुगतान करना पड़ रहा है, जो बढ़े खर्च के पीछे एक मुख्य वजह है।

हाल ही में एक आंशिक शटडाउन 2018-19 में लगा था

अमेरिका में पहला शटडाउन 21 नवंबर 1981 में लगा था तब से अब तक करीब 14 बार अमेरिका में शटडाउन लग चुका है। लेटेस्ट शटडाउन 22 दिसंबर 2018 को 35 दिन का लगा था। ऐतिहासिक रूप से, अमेरिकी सरकार के शटडाउन का शेयर बाजारों पर कोई असर नहीं पड़ा है। इसके पीछे मुख्य रूप से दो कारण है। पहला तो यह कि शटडाउन अस्थायी यानी कुछ दिनों के लिए होता है। दूसरा इससे होने वाला आर्थिक व्यवधान भी अस्थायी होता है। जैसे सरकारी कर्मचारियों को शटडाउन के दौरान सैलरी नहीं मिलती हैं, लेकिन जब चीजें फिर से शुरू होती हैं तो उन्हें वापस वेतन मिलता है, इसलिए सब संतुलित हो जाता है। हालांकि यहां पर मामला तब बिगड़ सकता है, जब यह शटडाउन लंबा खींच जाए।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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