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SIP Mutual Fund: क्या शेयर बाजार में गिरावट के समय म्यूचुअल फंड खरीदना अच्छा है? जानें SIP टॉप अप करें या नहीं

SIP Mutual Fund Benefits: सोमवार को शेयर बाजार में तेज गिरावट देखी गई, जो संभावित अमेरिकी मंदी और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव की चिंताओं की वजह से रही। ऐसे में म्यूचअल फंड और SIP में निवेश करना सही होगा या नहीं यह सवाल निवेशकों के मन में उठ रहे हैं। यहां हम आपको इसके बारे में पूरी स्ट्रैटजी बता रहे हैं।

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SIP mutual fund investment.

Photo : iStock

SIP Mutual Fund Benefits: गिरावट पर खरीदना और तेजी पर बेचना निवेश पर प्रॉफिट कमाने का सबसे बुनियादी बात होती है। येन कैरी ट्रेड के खत्म होने और अमेरिका में मंदी की आशंकाओं के कारण दुनिया भर के इक्विटी निवेशक चिंतित हैं। म्यूचुअल फंड निवेशकों को इस बात की चिंता सता रही है कि क्या उन्हें इस गिरावट के बीच कुछ मुनाफा बुक करना चाहिए या इसके बजाय धीरे-धीरे अपने SIP को बढ़ाना चाहिए। सेंसेक्स के हाई लेवल से 4% गिरने के साथ, जानकारों का कहना है कि बाजार में गिरावट निवेशकों को कम कीमत पर अधिक यूनिट खरीदने का अवसर देती है।

फिसडम के वीपी रिसर्च सागर शिंदे के मुताबिक, “लॉन्ग टर्म निवेशकों को बाजार में गिरावट के दौरान अपने एसआईपी को बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि यह स्ट्रैटजी लॉन्ग टर्म रिटर्न को काफी बढ़ा सकती है। बाजार में गिरावट कम कीमत पर अधिक यूनिट खरीदने का अवसर देती है, जो बाजार के ठीक होने पर पूरे रिटर्न में सुधार कर सकती है। एसआईपी के जरिए नियमित रूप से निवेश करने और गिरावट का फायदा उठाने से निवेशकों को रुपए की लागत औसत से प्रॉफिट मिलता है, जिससे समय के साथ बाजार में उतार-चढ़ाव का प्रभाव कम होता है।”

म्यूचुअल फंड खरीदने का शानदार मौका

जून के पिछले सप्ताह के स्तर पर वापस मार्केट

दरअसल, 5 अगस्त को सेंसेक्स 30 78,768.42 (2,223 अंक नीचे) पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 24,055 (662 अंक नीचे) पर बंद हुआ। यह वह स्तर था जिस पर इस साल जून के आखिरी सप्ताह में सूचकांक थे। प्रॉफिट में इस गिरावट का उपयोग म्यूचअल फंड में निवेश करके लिया जा सकता है।

आवेग में आकर निवेश से बाहर न निकलें

विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ दिनों की अस्थिरता या गिरावट के बाद म्यूचुअल फंड से बाहर निकलना सही निर्णय नहीं हो सकता है। म्यूचुअल फंड, विशेष रूप से इक्विटी फंड को लॉन्ग टर्म निवेश माना जाता है जो कई सालों में अच्छा रिटर्न देते हैं।

डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें। विशेषज्ञों द्वारा दी गई सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं। ये टाइम्स नाउ नवभारत के विचारों नहीं हैं।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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