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Closing Bell : दिनभर की तेजी गायब, Sensex 508 अंक टूटा, Nifty 23400 के नीचे बंद

1 जून 2026 को शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत देखने को मिली। लेकिन, दिन के आखिर में Sensex जहां 508 अंक टूटकर बंद हुआ, वहीं निफ्अी 23,400 के अहम सपोर्ट लेवल से नीचे बंद हुआ है।

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शेयर बाजार (Image Source: iStockphoto)

Share Market Closing Bell : जून के पहले दिन निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। पहले ही दिन बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी सहित बाजार में बिकवाली हावी रही। कारोबार की शुरुआत मजबूत हुई थी। बेंचमार्क इंडेक्स Sensex Nifty में गैप अप ओपनिंग हुई। लेकिन, दिन के आखिर निफ्टी 165 अंक फिसलकर 23,382.60 अंक पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 508.4 अंक टूटकर 74,267.34 अंक पर बंद हुआ।

दिनभर में कैसे पलटा बाजार?

BSE Sensex 508.40 अंक यानी 0.68% टूटकर 74,267.34 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इंडेक्स ने 75,367.93 का हाई बनाया, लेकिन बाद में भारी बिकवाली देखने को मिली। दूसरी तरफ NSE Nifty 50 भी 165.15 अंक यानी 0.70% गिरकर 23,382.60 पर बंद हुआ। निफ्टी ने दिन में 23,733.70 का हाई छुआ था, जबकि लो 23,357.95 रहा। सुबह मजबूत ग्लोबल संकेतों और आईटी शेयरों में खरीदारी के दम पर बाजार ने गैप-अप शुरुआत की थी। लेकिन दोपहर बाद बिकवाली का दबाव तेजी से बढ़ गया।

क्यों आई बाजार में गिरावट?

1. अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता

मार्केट पर सबसे बड़ा दबाव अमेरिका और ईरान के बीच जारी अनिश्चितता का रहा। निवेशक होर्मुज स्ट्रेट को लेकर संभावित तनाव पर नजर बनाए हुए हैं। इस बीच ब्रेंट क्रूड करीब 94 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा, जिसने बाजार की चिंता बढ़ाई। तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे आयातक देश के लिए बड़ा जोखिम मानी जाती है।

2. विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली भी बाजार पर भारी पड़ी। MSCI रीबैलेंसिंग के चलते शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने 21,106 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। इसका असर सोमवार के कारोबार में भी देखने को मिला। बड़े निवेशकों की बिकवाली से बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हुआ।

3. टेक्निकल स्तर टूटने का दबाव

विश्लेषकों के मुताबिक निफ्टी के लिए 23,400 का स्तर बेहद अहम माना जा रहा था। इंडेक्स इसके आसपास फिसलने से बाजार में घबराहट बढ़ी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर टिक नहींता, तब तक मजबूत तेजी लौटना मुश्किल है। नीचे की तरफ 23,200 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है।

कौनसे सेक्टर रहे सबसे कमजोर?

दिनभर के कारोबार में FMCG, रियल्टी और ऑटो शेयरों में दबाव देखने को मिला। Hindustan Unilever, Nestle India और Tata Consumer जैसे शेयरों में गिरावट रही। वहीं, Max Healthcare भी दबाव में रहा। हालांकि आईटी सेक्टर ने कुछ राहत दी। Tech Mahindra, Infosys, TCS, HCL Tech और Wipro जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी दबाव

सुबह मजबूत शुरुआत के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बाद में बिकवाली बढ़ गई। बाजार की चौड़ाई कमजोर पड़ती दिखी और कई छोटे शेयर लाल निशान में फिसल गए।

India VIX ने बढ़ाई टेंशन

मार्केट का डर बताने वाला इंडिया VIX भी बढ़त के साथ बंद हुआ। VIX में तेजी इस बात का संकेत है कि बाजार में अनिश्चितता और डर बढ़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक VIX 15 के नीचे स्थिर नहीं होता, तब तक बाजार में बड़ी तेजी मुश्किल दिख रही है।

आगे किन फैक्टर्स पर रहेगी नजर?

अब निवेशकों की नजर RBI की पॉलिसी मीटिंग, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल और अमेरिका-ईरान तनाव पर बनी रहेगी। अगर ग्लोबल संकेत कमजोर रहते हैं और विदेशी बिकवाली जारी रहती है, तो बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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